फौजी का फ़र्ज़-राकेश कुमार

फौजी का फ़र्ज़-राकेश कुमार

भर्ती हुआ फ़ौज़ मे ,सेवा कर सकु मौज़ मे,
मिल गया मौका,जब बॉर्डर पर रोकया,
देखा बॉर्डर ह खास,बस्ती न कोई आस -पास,
इधर हम और उधर दुश्मन है खास,
देश की कसम खाई,सुरक्षा करनी स भाई,
पीठ न कभी दिखाई,अब दुश्मन की सामत आई,
मिला एक मौका,जब जंग थी खास,कर दी हमने चढाई,
दे दना दन बन्दूक चलाई, देख गोलियों की बौछार, दुश्मन भागा भाई,
ऐसे करके अपनी ड्यूटी हमने फ़र्ज़ निभाई।

  Rakesh Kumar Mastana

       राकेश कुमार

मथुरा ,उत्तर परदेश

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