कौन से ताले में करे बंद-पूनम शर्मा

कौन से ताले में करे बंद-पूनम शर्मा

आज फिर इक और बेटी,
शिकार हुई है।
कुछ वहशी लोगों के हाथों,
इंसानियत फिर शर्मसार हुई है।
कितना रोई और चीखी होगी,
नाजुक कली वो तब।
सुन कर उसकी तड़प,
सहम गया होगा रब।
क्या धर्म था उसका,
ये ना बात करें हम।
रोकें ऐसी घटनाएँ,
है अगर जो दम।
बेटी है वो खुशी जो,
हर किसी को नहीं मिलती।
फिर क्यों उसके साथ होता है ऐसा,
इसमें किसकी है गलती?
घर में वो सुरक्षित नहीं,
बाहर नहीं स्वछंद,
बोलो उसे अब कौन से,
तालें में करें बंद ?

 

      पूनम शर्मा
   चंद्रवाल, दिल्ली

0

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account