Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

मैं चित्रकूट का घाट तेरा – सचिन ओम गुप्ता

chitrakoot dhamतुमसे ही सम्मान मिला है,
तुमसे ही पहचान मेरी
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |

 

तुम बन जाओ मेरी प्रेयषी गंगा,
मैं बन जाऊँ अनुरागीं तेरा
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |

कंदमूल, वानर है सब मेरे साथी,
तुम बन जाओ गंगा सखी मेरी
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |

मैं अधूरी मेरे राम के बिना
तुम बन जाओ सीता मेरी,
मैं बन जाऊँ राम तेरा
तुम गंगा का बहता पानी,
मैं चित्रकूट का घाट तेरा |

Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता,
चित्रकूट धाम

266 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Sachin Om Gupta

Sachin Om Gupta

मैं सचिन ओम गुप्ता चित्रकूट धाम उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

6 thoughts on “मैं चित्रकूट का घाट तेरा – सचिन ओम गुप्ता”

  1. 973613 304879An interesting discussion is worth comment. I believe which you ought to write regarding this topic, it may not be a taboo subject but typically persons are too couple of to chat on such topics. To an additional location. Cheers 105517

Leave a Reply

जागो और अपने आप को पहचानो-प्रिंस स्प्तिवारी

मैंने सुना है कि एक आदमी ने एक बहुत सुंदर बगीचा लगाया। लेकिन एक अड़चन शुरू हो गई। कोई रात में आकर बगीचे के वृक्ष

Read More »

Join Us on WhatsApp