द सीक्रेट सैंटा – निशांत कुमार “नयन “

द सीक्रेट सैंटा – निशांत कुमार “नयन “

“सांता  आएगा..सांता  आएगा  सबको  पता  है  क्या  आएगा

पात्र –
1-रवि
2-मिथुन
3-शिखा
4-रूही

5- Mr .सांता
6- वक़्त
7-गेस्ट अपीयरेंस -श्रेयस तलपड़े

तो शुरुआत यहाँ से करते है -हम सभी जानते है की अभी क्रिसमस का टाइम चल रहा है और हर कोई के जुबान पे बस एक ही बात है की इस बार सांता आएगा और सबकी विश पूरी करेगा !
लोगों का कॉन्फिडेंस तो देखो सब कहते है वो आएगा और हमारे पास हर वो चीज़ दे जायेगा जो हमें चाहिए – यानि की हमारी सारी मुरादें वो पूरी करेगा !
हाँ भाई हो भी क्यों नहीं -आखिर वो है भी तो इसलीए ही .
तो आइये चलते है इसबार क्या होता है –
हाँ लकिन वही बात फिर से न जाने क्यों मेरी भी ज़ुबान पे है कि – सांता आएगा . .
तो बात करते है इसबार के सांता के बारे में –
मेरा एक बहुत अच्छा मित्र है नाम तो पता ही होगा 😆 – नहीं ? 🤔चलिए कोई बात नहीं मैं बता देता हूँ -😏
मिथुन हाँ आप सही समझे थे👍 Bengole Tiger💪 -अरे भाई बस ऐसा ही कुछ “but chota tiger hai mera dost”.😋
so let’s start:-👉
तो मेरा मित्र मिथुन बहुत ही अच्छी कंपनी में अच्छे पोस्ट पे जॉब करता है
तो अभी ये क्रिसमस के टाइम में “सीक्रेट सांता” का कांसेप्ट चल रहा है तो rule ये था कि- हर कोई एक दुसरे के लिए
गिफ्ट लाएगा और एक प्लेस पर रखा जायेगा !
और सबका नाम अलग -अलग पर्चे पे लिखा जायेगा और जिसके पास जिसका नाम आएगा उसे वो जाके गिफ्ट देगा -तो ये था सीक्रेट सांता का कांसेप्ट !
मिथुन भाई साहब बहुत ही महंगा गिफ्ट खरीदे – भाई आखिर इन्हे भी सीक्रेट सांता बनने का अवसर मिला था!
ये सबकी झोली भर देते ,मगर महंगाई का जमाना है थोड़ा saving भी जरुरी है😏 .
तो इन्होने ठीक -थक दामों में एक अच्छे सा गिफ्ट खरीदा लिया .
कहीं -न – कहीं इनके मन में भी ये तो था ही कोई -न -कोई सांता मेरे बारे में भी सोच रहा होगा .
तो एक नज़र डालते है पूरी कहानी पे –

रवि -> अरे यार मिथुन तुम तो बहुत अच्छा गिफ्ट खरीद रहे हो , पता नहीं किसके भाग्य में ये जायेगा .
मिथुन – हाँ भाई जब देना ही है तो अच्छा ही देंगे ,और इसमें घटा कहा है कोई मुझे भी तो देगा .✌
(फाइनली दोनों गिफ्ट लेकर कंपनी पहुंचे )
(वहाँ का नज़ारा कुछ ऐसा है कि हर कोई सांता बना हुआ है . ..कुछ ऐसे भी थे वह जो बचपन में हनुमान जी बने थे और अभी सांता बने हुए हैं 😄 – बने भी क्यों नहीं कलयुग है भाई 😏 अभी तो Mr. santa का craze है😝 )
शिखा – अरे यार रवि तुम इतने छोटे गिफ्ट पैक करवाए हो यार , मिथुन को देखो कितना बड़ा गिफ्ट है इसका .
रवि – अरे इनको उम्मीद है कि इनका जो भी नुक्सान हुआ अंत में सांता पूरा कर ही देगा .😋
रूही- so guys “आज खुस तो बहुत होंगे तुम आईं ” – आज क्रिसमस का टाइम और सांता सबकी विश भी पूरी करने वाला है !.
मिथुन – हाँ भाई ये मौका रोज़ -रोज़ थोड़ी न आता है !
वक़्त – वो तो मैं ही बताऊंगा कितना मज़ा आएगा तुम (मिथुन ) आगे देखो तो सही .
(सारे गिफ्ट को एक जगह रखा गया और नाम की पर्चे सबके हाथ में सीक्रेट तरीके से दिआ गया यानी पर्चे बंद थे ).
मिथुन – रवि , मुझे लगता है की सबका नाम हो और अगर तुम्हारा नाम नहीं हो तो हा हाहा हा हा हा…..😁😁😁😁!
रवि -कोई नहीं भाई मुझे क्या 😏 , मैं तो छोटा सा गिफ्ट खरीदा हूँ , अगर मिला तो भी ठीक नहीं मिला तो भी ठीक .
मिथुन – नहीं रे मिलेगा तो जरूर
(बारी आ गयी Mr.Secret santa के आने के )
(रूही के हाथ में भी गिफ्ट , शिखा के हाथ में भी गिफ्ट ओह ये क्या रवि के हाथ में बड़ा गिफ्ट , यानि जिधर देखो सारे खुश हैं ,सबके हाथ में गिफ्ट है -यानि सब पर सांता की कृप -दृष्टी हुई है ,पर एक सीक्रेट सांता वो कहा है -? समझ तो आप गए ही होंगे ,मिथुन का सांता वो नहीं आया ओफ्फफ्फ्फ्फ़ )
(यानि छोटा टाइगर के साथ नाइंसाफी – यानि सांता के आने में विलम्ब ).
(1- घंटे , 2 -घंटे , 3- घंटे पर सांता का कोई पता नहीं , दादा मायुश (अब आप कह रहे होंगे ये दादा कौन है -अरे भाई ये वही अपने मिथुन भाई साहब है वो बंगाल के नहीं है फिर भी मिथुन दा के नाम से जाने जाते है -तो हमारे लिए दादा हुए न . ) )
(सारे एक जगह पे आ गए – दादा के पास )
रवि – मिथुन तुम्हारा गिफ्ट नहीं आया .
रूही -अरे हाँ यार बेचारा कितना बड़ा गिफ्ट लाया था .इसका सांता कहाँ गया .
(पता नहीं सब अफसोस कर रहे है की -खुश है अशली सेलिब्रेशन तो अब शुरू हुई है – सरे शहर में अफवाह फ़ैल गयी की सांता नहीं आया )
(दादा (मिथुन ) के चेहरे से हसी गायब और सब मानो ज़िंदगी में पहली बार इतना हस रहा हो -सब लोट पोट हो रहे है और ये Mr. santa न जाने कहाँ गायब है )
Mr. santa – हहहहहहहह – अरे इस बार मेरी बारी है कमबख़्तो मुझे समझ क्या रखे हो, सांता आएगा -सांता आएगा – जैसे मेरे पास और कोई काम ही नहीं , जिसे मैं पहचानता भी नहीं वो भी बोल रहा है -सांता आएगा -सांता आएगा ,मॉडर्न युग है और अभी तक मुझे दाढ़ी- मूछों और सफ़ेद बालों में रखे हुए हो -और तो और लाल ड्रेस -ओफ़्फ़्फ़ कितना ऑउटडेटेड हो गया है ये ! .
वक़्त -मैंने तो पहले ही कहाँ था -ये सांता न …, मेरी तुम लोग मानते ही कहाँ हो .
मिथुन – अबसे कोई क्रिस्टमस नहीं होगा -कुछ नहीं होता है सब ऐसे होता है -झूठ -मुठ का -पैसा बर्बाद , समय बर्बाद , बेइज्जती अलग से ,
(हर कोई बस हसे जाए रहे है — और बेचारा मैथुन..? -मुझे पता नहीं मैं भी हस रहा हूँ या लिख रहा हूँ )
(तभी कोई फिल्म स्टार के आने की खबर पुरे कंपनी में फ़ैल गई )
सब – कौन आया है ?
गार्ड -श्रेयस तलपड़े ..
श्रेयस तलपड़े -कई -ई–ई–ई-से हो g -u-u-u-u-y-s ?
सब -बहुत अच्छा सर , अछ्हा हुआ आप आये , यहाँ देखी सब क्रिस्टमस का सेलिब्रेशन चल रहा है .सब खुश है -पर ये मेरा दोस्त मिथुन ये दुखी है .
श्रेयस तलपड़े -क्य-य -य -य -आ हुआ ..दा-दा -दा -दादा (मिथुन )…?
सब – कुछ नहीं वो सांता नहीं आया .
श्रेयस तलपड़े – आ–र-र -रे मैं-मैं-मैं -ने तो पहले ही कहाँ था – कि- कि- कि- सं -सं -सं ता आ -आ -आ येगा ..सं ता आ -आ -आ येगा लेकिन सब-ब-ब जानते है ….. आएगा .
(The End.)

Nishant Kumar Nayanनिशांत कुमार “नयन “

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