टी स्टाल पर हाथ-पर-हाथ धरे बैठे हुए एक शख्स से मैंने पूछा,‘‘तुम अक्सर इस चाय की दुकान पर बैठे मिलते हो। आसपास कहीं काम करते हो क्या?&rsqu read more >>
फांसी की रात जोकि बहुत दुखदाई होती है लेकिन ऐसा वो वीर जिनको मरना मानो सहज लगता हो । पर फक्र है हम आजादी के लिए मर रहे हैं क्योंकि ह� read more >>
हे गोविंद, हे गोविंद, हे गोविंद ,मेरे गोविंद
राख शरण मोहे गोविंद!
भूल गई मैं सब कुछ अपना
थाम ले अब तु मुझको गोविंद
हे गोविंद, हे गोविंद ,� read more >>