//... सुप्रभात...//
देने पर भी दे दिए ,
लेने पर क्यों फिर ,
अपना दुखड़ा सुनाते ....!
यही जग की रीत ,
कुछ अच्छा करते तो ,
कुछ अच्छा पाते ...!
चिन्ता न read more >>
सबब,, अब तन्हाई का यह तैयार कर लिया है हमने
यह जुदाई का दर्द बढ़ रहा था और बढ़ा दिया है तुमने
बिखर कर तुम्हारे पहलू से गए तो कहां जाएंगे
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लिखने को तो हम बहुत कुछ लिख सकते हैं, लेकिन आज के दौर में सब कुछ लिख चुका है और बहुत अच्छे अनुभवी लेखक हुए हैं| उन्होंने कोई भी शब्द गलत न� read more >>
भक्त शाखा के प्रमुख कवि भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त महाकवि सूरदास ने श्री कृष्ण के जन्म का बहुत अच्छा वर्णन किया है। प्रमुख रचना "� read more >>