बोझ !!
लेकर दिल मे, दिमाग मे,चिंताओं का बोझ!
जी रहा ईसान यहाँ, मर मर कर हर रोज !!
नहीं है यहाँ इलाज इस बोझ का !
साथ रहेगा यह, काम है इसका रोज का read more >>
//...प्रेम-निवेदन...//
दिल में लगी है ,
आग मेरे
तुम सावन ,
बन जाओ ना...!
तन प्यासा है ,
है मन प्यासा
तुम प्रेम सुधा ,
बरसाओ ना...!
मंजिल से ,
मैं दू read more >>
मुझे तलाश है मंजिल की |
मैं बढ़ता हुँ अपनी मंजिल की ओर ,
फिर मन में ख्याल आता है ,
बढ़ रहा हुँ जिसे पाने के लिए ,
वो मेरी मंजिल नहीं |
फिर मैं म� read more >>
(1). सच कहा था तुमने कि
इस जहाँ में सारे पत्थर हैं
किसी को ज़ियादा अहमियत दो
तो आंकते ख़ुद से कमतर हैं
(2). ज़रा महसूस तो करो
मेरी तन्हाई की पी read more >>