ये कौन है, जो घर में शाम को बस आता है ।
ये कौन है, जो मुझे थोड़ा सा प्यार जताता है ।।
मेरी भी आंखे तकती है, अब माँ के साथ
ये कौन है, जो सब� read more >>
स्वरचित रचना- मरना है तो खा के मरो.......!!!
रचनाकार---महेश कुमार
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इस धरती पर बोझ बने जो,
उनका यही तराना है!
कि, मरना है त� read more >>
हुं......,भिड लगी है ,दर पे जो तेरे - 2
तू ही सब का प्रभू l
1. दिल से मांगे जो , दर पर तेरे -2
करता है उस की मुरादे पूरी 2
हर दुखियों के दुख तू ही हर� read more >>
मेरी दिले खोइस है की ...............
खाली सुहानी कोई चांदनी रात हो
इन रातों में बस तारो की बारात हो
जुगनू बन के आए मेरे सारे बाराती
उन्ही जगनुओ � read more >>