गाँव की बात निराली
गाँव में सुबह - सुबह चार - पांच बजे ही चिडियों की चहचाहट, गाय - भैंसों के रमभाने की आवाज शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुज read more >>
हर तरफ तू और , तेरे नाम
आवाज दे कर, तुझे बुलाता हूँ।
सुबहाँ ,शाम ......
आजा माँ, आजा माँ
अब देर ना कर
ये घडी़ संकट की है।
युही, रात पहर न� read more >>
प्यारी मां !
प्यारी मां !
है सब से तू न्यारी मां !
मेरी प्यारी मां ।
सब कुछ लुटाकर तूने, जन्म दिया है मुझको,
सर्वस खोकर तूने, गले लगाया है� read more >>
स्कूल का वो पहला दिन जब सभी अपना अपना परिचय गुरु जी को बता रहे थे,तब बहुत सारे नये वच्चे आए थे ।सब अपने अपने वारे में बता रहे थे। किसी पर � read more >>
इसे सुनें
झारखंड यानी झार या झाड़ जो स्थानीय रूप में वन का पर्याय है और \'खंड\' यानी टुकड़े से मिलकर बना है। अपने नाम की तरह ही यह मूलतः एक read more >>