आओ साल का करें विदाई
जो आज पुराना, नया कभी था
कदम मिला कर ,चला वही था
फिर कैसे ना,गम उसका हो
आंखे भी नम ना सबका हो
छोड़ चला है आज हमें वह
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चमन में फूल...
खिलते ख़ुशबू आती ये कैसा,
चमन-ए-बता...
पवन से फूलों का नाता कैसा,
तू बयारन है पवन...
जब-जब गुज़रे इस चमन से,,
ये उठती है ख़ुशब� read more >>
लोग जल जाते हैं मेरी मुस्कान पर क्योंकि,
मैंने कभी दर्द की नुमाइश नहीं की...
ज़िंदगी से जो मिला कबूल किया,
किसी चीज की फरमाइश नहीं की...
म� read more >>