आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
आ मैं तेरी याद में सब को भुला दू
अगर जो तु कहे तो में चांद तारो को तोड़ के ला दू
क्यों रहते हो यू खोए खोए से रात के अंधेरे में
तुम कहो तो � read more >>
कल रात से जब से मां का फोन आया है मैं थोड़ा विचलित सा महसूस कर रहा हूं ।
बहुत दिन हो गया मैं अपने घर वाराणसी नहीं गया पता नहीं क्यों?
जब स� read more >>
मेरे बचपन का गांव
दिनांक 23/11/2023
-----------
आज कई वर्षों के बाद मुझे अपनी मायके के गांव जाने का अवसर मिला।
जहां मेरा बचपन बीता था
कुछ समय पश्चा read more >>