कमबख्त यह दर्द सत्ता का जोर है कि हटता ही नहीं, दर्द है महंगाई का दोर है कटता ही नहीं।।
अब तो बात अंत पर आ गई है,
दर्द ए महंगाई मेरे सीने प� read more >>
मेरे सद्गुरु सदाबहार...!
दरबार उनका सदाबहार...!
मोल करते ना भेद-
देखते सिर्फ सेवा भाव से,
प्रसन्न होते देते ज्ञान दान...
छल-कपट त्याग भक्� read more >>
"गुज़रे-
ये दिन रैन तेरे बिना"!
"सनम-
आए ना चैन तेरे बिना"!!
"अब आ भी जाओ-
पुकारे तुझे तेरा-ए-पपीहा"!
"पुकारे तुझे तेरा-ए-पपीहा"....!!!!
-मोती read more >>
नीली छतरी वाले को लूटने का मन में ना रखो विचार, यह ना समझो बस लेने का है, उससे तुम्हें अधिकार, उसको है अपने बच्चों से प्यार लेकिन कपूत बच् read more >>