Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

अश्क छुपाए बैठे हैं

अशोक दीप 30 Mar 2023 शायरी प्यार-महोब्बत Love poetry, love song, love sayari, prem geet, poetry for girl friend, premika ke liy sayari 89416 0 Hindi :: हिंदी

एक मुक्तक

अपने  ही  हाथों  से अपना, जिगर जलाए बैठे हैं ।
खुशबू  की चाहत  में गुल से, धोखा खाए बैठे हैं ।
देख रहे हो जिन आँखों में,सपनों की तहरीरों को-
तुम क्या जानो उनमें कितने,अश्क छुपाए बैठे हैं।।

अशोक दीप
जयपुर

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

मेरे नजर के सामने तुम्हारे जैसे बहुत है यहीं एक तू ही हो , मोहब्बत करने के लिए यह जरूरी तो नहीं read more >>
मीठी-मीठी यादों को दिल मैं बसा लेना जब आऐ हमारी याद रोना मत हँस कर हमें अपने सपनों मैं बुला लेना read more >>
दोस्ती करो तो धोखा मत देना दोस्तों को आंसुओ का तोहफ़ा मत देना दिल से रोए कोई तुम्हे याद करके ऐसा किसी को मौका मत देना।। दोस्ती तो सिर� read more >>
Join Us: