देश के लिए मर मिटने की,
बलिदानी राह दिखाता शिक्षक ||
प्रेम सरिता की बनकर धारा,
नैया पार लगाता शिक्षक ||
झटकती है दुनिया हाथ कभी जब,
तो झटप� read more >>
और ,फिर ,मुझे लिबाज ,वो, पहनाया, गया, दोस्तो।
मैं ,दुनिया को सुन्दर ,हास्य ,कविता ,लगूं,।
मगर यह जो चार ,आंखें ,उस वक्त मुझे देखती ,होंगी,।
इन� read more >>
तुम और मैं
दोनों ही
अपने - अपने
अहम से "अ "
नहीं हटा पायें
तब अपूर्ण ने भी
अपना " अ "
हटाने से मना कर दिया
इसलियें
तुम और read more >>