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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बारिश की बूंद की तरह बनो किसी से शिकायत न होगी,लेकिन लोग चेहरे पर मुस्कान और दिल में बद्दुआ लिए घूमते है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब लोग शिकायत कम और बद्दुआ ज्यादा करने लगे है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब इंसान नही बनना चाहता हूं यार शैतान बनूंगा कम से कम लोग डरेंगे तो सही।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मेरे बर्बादी का पहला कातिल मोहब्बत है और दूसरा जालिम मेरे अपने ही यार है जो साथ में तो रहता है लेकिन दिखाई नहीं देता।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इज्जत तो उन्हें चाहिए जिसे विरासत में मिली है,लेकिन हमे विरासत में नही हमने खुद बनाई है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कल जो लोग मेरी लेबाश देख कर इज्जत करते थे,आज बही लोग मेरे लंगे पन को फैशन समझ रहे है।"मोहर्रम?
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम्हारा केरेक्टर ही तुम्हें अच्छा इंसान बनाएगा,क्योंकि दुनिया भरी पड़ी है बुराई करने वाले को देख लो।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब अपना अपना चांदी चमकाना चाहते है कोई तलबा चाटकर कोई झूठ बोलकर लेकिन उपर उठना अपने दम पर नही तलवे चाट कर जाना चाहते है।
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तुम्हारे चित्त मे छल बसा है
तुम्हारे चित्त मे छल बसा है ,मगर मुझे यकीं नही है | हर सांस तेरी मेरी दिल की धड़कन,मगर तुम्हें यह पता नहीं है || तुम्हारे चित्त मे छल बसा है
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क्या कहूं
दिल चाहता है गुजरे पलों को याद किया ही न जाए पर न जाने क्यों उन पलों को याद किए बिना जिंदगी जिया ही न जाए शायद दुनिया की भीड़ भाड़ स�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बीच रह में छोड़ कर चले जाते हैं लोग यह कह कर की अब तुम्हारी जरूरत नही।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अपना पन दिखा कर लूटने वाले अपने ही लोग होते है शाहब।
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