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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
किसी के दूर चले जाने से मोहब्बत अगर खत्म हो जाती,तो जिंदों से ज्यादा मरने वाले को तादाद होती।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हर एक से शिकायत है,की लोग पहचान नहीं रहा मतलब खत्म हो गई या शिकायत नहीं रहा।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मेरी जिंदगी पर मेरा ही हकदार नही,लेकिन तुमने तो मेरी ही वफा पर पहरा लगा दिया है।
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Writer by iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
वे खौफ जिंदगी है मौत भी मोयैयन है,आज पर यकीन नही कल किसी और का इंतेजार है।
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Writer by iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
हर इंसान अंधा और बहरा हो गया है, क्योंकि हर किसी ने अपनी ईमानदारी बेच दी हैl
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बुरा वक्त तो कट ही जायेगा लेकिन एक ऐसे लोगों की पहचान हो गई है, जो कहते थे तेरी बीन जिंदगी अधूरी लगती है।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
चेहरों में कुछ नही रखा है शाहब, क्योंकि यहां चेहरा देख कर नही लेबाश देख कर इज्जत की जाती है।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
चाय के जैसी दोस्ती हो गई है लोगो की,जबतक उसमे पत्ती नही डलता तब तक उसका रंग नही बदलता।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी
सिशे के जैसा दिल है लोगों का लेकिन टूटता पत्थर से नही लफ्जो से है।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी
हक बोलने की आदत खत्म कर दी है, लोगों ने क्योंकि पैसों ने लोगो का जमीर खरीद रखा है।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी
किस्मत से भोरोसा उठ गया है, लोगों का लेकिन तुम हाथों के लकीरों पर उम्मीद लगाए हुए हो।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी
मुझ में मैं ही नहीं हुं तो तुम वफा किस्से करोगे।
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