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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
समय भी केतना गूंगा बन गया हैं बोलने की चाहत हो रही है।लेकिन बोल नही पा रहा है।
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम कहां तक मुझ से वफादारी करोगे, तुम ने खुद ही अपने वफादारी का गला घोंट रखा है,
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यों परेशान हो रहे हो जिंदगी से तुम ने तो लोगों को बदलते देखा है,लेकिन जब वक्त बदलता है तो आत्माए कांप जाती है
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अजीब विडंबना है लोगों की लिबाश देखकर इज्जत की जा रही है, क्योंकि लेबाश से कपड़ो की पहचान होती है इंसानो की नही
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
वे हयाई का चादर उतार कर देख, तुम्हें वैसा नहीं दिखता है, जैसा तुम लोगों को दिख रहे हो
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
विश्वास का गला तो इंसानों ने ही घोंट रखा है शाहब ,अब सच भी बोल दिया जाए तो लोगों को यकीन नही होता
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अपने ही वादों पर कायम नही है लोग ,लेकिन जब भरोसा टूट जाए तो सच बोलने का ढोंग करते है
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पंछी
आ पंछी तुझे उड़ना सिखा दूं उड़ने में है कितना मजा उसका आनंद लेना सिखा दूं पंख -पखेरू तू उड़ जाना आसमां को तू छू जाना फिर न कभी जमीं में
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
एक गल सीखी है लोग मोहब्बत को अंधा समझ रहे, है,लेकिन साले खुद मोहब्बत कर के अंधे मोहब्बत का ढ़ोंग कर रहे है,
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इंसाफ करने वाले को तो लोगों ने खरीद रखा है,शाहब क्योंकि सच को साबित करने के लिए झूठ बोलना पड़ता है
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Writer by Iqrar Ali (आई क्यू) मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिंदगी बहुत मिल गई है, सोचता हूं,तेरे से मूह मोर लू क्योंकि तुम्हें बही चाहिए जो मुझे पसंद नही
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अधूरी चाहतों के दीवाने है लोग अब मिल भी जाए तो वफा कहां मिलती है।
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