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समय भी केतना गूंगा बन गया हैं बोलने की चाहत हो रही है।लेकिन बोल नही पा रहा है। read more >>
तुम कहां तक मुझ से वफादारी करोगे, तुम ने खुद ही अपने वफादारी का गला घोंट रखा है, read more >>
क्यों परेशान हो रहे हो जिंदगी से तुम ने तो लोगों को बदलते देखा है,लेकिन जब वक्त बदलता है तो आत्माए कांप जाती है read more >>
अजीब विडंबना है लोगों की लिबाश देखकर इज्जत की जा रही है, क्योंकि लेबाश से कपड़ो की पहचान होती है इंसानो की नही read more >>
वे हयाई का चादर उतार कर देख, तुम्हें वैसा नहीं दिखता है, जैसा तुम लोगों को दिख रहे हो read more >>
विश्वास का गला तो इंसानों ने ही घोंट रखा है शाहब ,अब सच भी बोल दिया जाए तो लोगों को यकीन नही होता read more >>
अपने ही वादों पर कायम नही है लोग ,लेकिन जब भरोसा टूट जाए तो सच बोलने का ढोंग करते है read more >>
आ पंछी तुझे उड़ना सिखा दूं उड़ने में है कितना मजा उसका आनंद लेना सिखा दूं पंख -पखेरू तू उड़ जाना आसमां को तू छू जाना फिर न कभी जमीं में read more >>
एक गल सीखी है लोग मोहब्बत को अंधा समझ रहे, है,लेकिन साले खुद मोहब्बत कर के अंधे मोहब्बत का ढ़ोंग कर रहे है, read more >>
इंसाफ करने वाले को तो लोगों ने खरीद रखा है,शाहब क्योंकि सच को साबित करने के लिए झूठ बोलना पड़ता है read more >>
जिंदगी बहुत मिल गई है, सोचता हूं,तेरे से मूह मोर लू क्योंकि तुम्हें बही चाहिए जो मुझे पसंद नही read more >>
अधूरी चाहतों के दीवाने है लोग अब मिल भी जाए तो वफा कहां मिलती है। read more >>
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