रूठ कर मुझसे बो मनाने आई है,
ये उसकी साजिश है रुलाने आई है।
पिछले जख्म भरे नहीं अभी तक,
नए जख्मों पर नमक लगाने आई है।।
Written by
Mithun Anuragi read more >>
हर घड़ी का इन्तजार खत्म कर दिजिए
,,,,,,,,,,, प्रतिभा खडेकार
हर घड़ी का इन्तजार खत्म कर दिजिए
लिजीए आंखों से सेक लिजीए
मखमले हुस्न ये तोहीन read more >>
हमसे कहों न दिल्लगी तुम्हीं से
,,,,,,,,,,,,,,,,,, प्रतिभा खडेकार
हमसे कहों न दिल्लगी तुम्हीं से
मर मिट जावे सहना सा ये साया...
लहंगे दा विच रुपया read more >>