दो दिल मिल गए
आखिर प्यार हो ही गया
कब तक दूर रहता तेरे बिना साथी आखिर
तेरे पास तो लोट आना ही था ,
केसे बया करू इस प्यार को कब हो गया
मालू� read more >>
मेरा चाँद... (शीर्षक)
उस मुडेर पर ,पता नहीं
क्यों रुका है, मेरा चाँद,
क्या उसको घर का पता नही,
क्या अपनों के दिल दुखाने की
खता तो नहीं?
कभी � read more >>
जलती आग के सरारे हुआ करते थे,
कभी तो हम भी यूँ कुँवारे हुआ करते थे।
थोड़े नमकीन और करारे हुआ करते थे,
कभी तो हम भी यूँ कुँवारे हुआ करते थ� read more >>
हे चाँद चाँदनी फैला गगन भर में ,
तू निकल कहीं ना पर निकल उनके आँगन घर में |
दीप्त कर दे बो चेहरा तेरे ही जैसा है ,
है तुझसे भी खूबसूरत ते� read more >>
सिर्फ़ तुम्हे देखता रहूं हर पल कोई और काम ना हो,
तुम्हारी आंखों से करूं नशा पीना कोई ज़ाम ना हो,
पागल" पागलों की तरह प्यार करता रहे तुम read more >>
उस कमबख्त बेवफ़ा से उसकी याद अच्छी है,
वो सब झूठ बोलती थी ये बिल्कुल सच्ची है,
उसका हुस्न आज बुढ़ापे के बोझ में दबा होगा.
"पागल" हैरा� read more >>
काश ,कोई इस सुने दिल में
फिर से दीप जला जाए,
इस रंग बिरंगी दुनिया से ।
कुछ रंग मुझे भी दे जाए,
कुछ सपने थे ,जो टूट गए,
कुछ अपने थे ,जो रूठ ग� read more >>