शीर्षक _______,मेघ
शीतल मंद बहे रे पवन ,
मेघ उड़ उड़ आए मेरे अगन ।
तन मन भीगे आज मेरे, हर्षित हुए मेरे नयन ।
कई दिन देखे राह तुम्हारी ।
अब ब� read more >>
जीवन की अनकही बातें ,
जो मन ही मन हम कहते हैं ।
दिल ही मेरा एक ऐसा है
जो मन की सारी बातें सुनता है। बहुत कुछ कह गया मन!
दिल सब कुछ सुनकर सह read more >>
प्रिय आ गए तुम !
आओ दिल के दरवाजे खुले हैं!
तुम्हारे लिए सदा !
पर ठहरो !
अपनी नाराजगी बाहर ही छोड़
आना !
और सुनो !बाहर उन खेलते हुए,
बच्च� read more >>