यह यह कविता अर्जुन शर्मा के द्वारा लिखी गई हैं अगर इसमें कोई भ्रम फैलाने वाले शब्द हो तथा कोई गलत शब्द हो या कोई गलत लाइन लिखी गई हो तो क� read more >>
हे प्रभु, हम भक्त हैं दीवाने तेरे नाम के,
गाते हैं गुणगान हमेशा तेरे ही काम के ।
दुनिया में रहूँ या फिर मर जाऊँ तेरे धाम पे,
पैगाम मेरा क� read more >>
कान्हा तुम तो सुनो अब टेर हमरी,
राधा तुमरे बिना भूलि गई डगरी।
राधा घर से चली लेके सखी संग में ,
खेलति-खेलति चली खेले सखी संग में ।
खेल खे� read more >>