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गाँधी और शास्त्री के विचार और विकसित भारत This post in Under Review

नागमणि कुमार सिंह 22 Oct 2026 आलेख देश-प्रेम गाँधी और शास्त्री के विचार और विकसित भारत 244 0 Hindi :: हिंदी

आलेख   				
		                                                 शीर्षक : गाँधी और शास्त्री के विचार और विकसित भारत

	हमारा देश प्रत्येक साल 2 अक्टूबर को दो महान विभूति  का जयंती मनाता हैं I एक अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी और दूसरा “ जय जवान, जय किसान “ का नारा देने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री I इन दो महान विभूति के विचार, सोच और सेवा भाव ने हरेक भारतीय के दिल को छुआ हैं I आज जब हम 21 वीं सदी में जी रहे हैं I हमारे देश के प्रधानमंत्री के साथ-साथ करोड़ों देशवासियों  की इच्छा है कि भारत जल्द से जल्द एक विकसित देश बने I यह तभी संभव है जब देश के हरेक निवासी  महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री के बतायें रास्ते पर चले I 

	महात्मा गाँधी के अमूल्य विचार और हमारा समाज 
	
	महात्मा गाँधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे I जिसके कारण संयुक्त राष्ट्र संघ  ने भी बर्ष 2007 से गाँधी जयंती को “ विश्व  अहिंसा दिवस “ के रूप में मनाए जाने की घोषणा किया था I किसी भी देश के विकास के लिए समाज में सत्य और अहिंसा बहुत जरूरी है I महात्मा गाँधी एक महान समाज सुधारक भी थे I उन्होने छुआछूत और जातिवाद का विरोध भी  किया I वे महिलाओं की शिक्षा और सम्मान के पक्षधर थे I उन्होने गरीबो और कमजोर वर्गो के उत्थान के लिए भी काम किया I आज भी ये सामाजिक समस्याएँ हमारे समाज में मौजूद हैं I हरेक भारतीय को महात्मा गाँधी से सीख लेकर इन समस्याओं  को खत्म  करना चाहिए I तभी हम एक विकसित समाज का निर्माण कर सकते हैं I 

	महात्मा गाँधी ने स्वदेशी पर ज़ोर दिया जिसका अर्थ स्थानीय संसाधनो और श्रम का उपयोग कर देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है I उनका सोचना था कि भारत कि आत्मा ग्रामों में बसती हैं I ग्रामों के विकास और कुटीर उद्योग से ही एक सच्चे राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा I विकास सिर्फ भौतिक सुख सुविधा तक  सीमित न हो, उच्च नैतिक मूल्यों और सामाजिक न्याय पर आधारित हो I 

	महात्मा गाँधी ने कहा था,” पृथ्वी सभी मनुष्यों कि जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती हैं I लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं “I वे सादा जीवन उच्च विचार के हिमायती थे I वे इस बात को अपने जीवन में अपनाते थे I आज हमारे समाज को ऐसे विचारों पर चलने की जरूरत हैं I हमारा जीवन सादा होना चाहिए लेकिन हमारा विचार भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का होना चाहिए I 
	
	महात्मा गाँधी कहा करते थे कि,” आप दुनिया में जो बदलाव देखना चाहते है खुद वही बदलाव बने I” यह हमें सीख देती है कि  यदि हमे भारत को विकसित बनाना है तो पहले खुद विकसित बनना होगा I खुद विकसित बनने का मतलब है कि हम अपने जीवन में स्व-अनुशाशन, देश सेवा, समाज सेवा,ईमानदारी, नैतिकता का पालन करे I उनका कथन,” आँख के बदले आँख पूरे विश्व को अंधा बना देगी I” हमें सतर्क करता है कि समाज में हिंसा के बदले हिंसा, नफरत के बदले नफरत, घृणा के बदले घृणा, द्वेष के बदले द्वेष हमारी सामाजिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं I हमें इससे बचना चाहिए I तभी हम एक विकसित समाज बना सकते हैं I 

	महात्मा गाँधी हमेशा सोचते थे,” जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त  इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग का ही हमेशा विजय होती है I कितने ही  तानाशाह और हत्यारे हुए हैं और कुछ समय के लिए वे अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है I इसके बारे में सोचो हमेशा I” इससे पता चलता है कि हम अपने जीवन में सत्य और प्रेम के मार्ग पर ही चले तभी हम स्थायी विकास अपने देश और समाज का कर सकते हैं I 

	लाल बहादुर शास्त्री के अमूल्य विचार और हमारा समाज  

	भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने “ जय जवान, जय किसान” का नारा दिया था I वे देश के सैनिकों और किसानों को सर्वोच्च सम्मान देते थे I जो आज भी देश कि खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार है I आज उन्हे आधुनिक उपकरणों और आधुनिक हथियारों से लैस करने की जरूरत है I तभी हम हरेक नागरिक का पेट भर सकते है और हम सभी नागरिकों को सुरक्षित रख सकते है I वे अपने जीवन में सादगी, ईमानदारी और नैतिकता का पालन करते थे I भारत के प्रधानमंत्री जैसे उच्च पद पर रहते हुए भी सादा जीवन व्यतीत करते थे I भारत के रेल मंत्री रहते हुए एक रेल दुर्घटना के बाद नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिये थे I 
	
	आज जब हमारा देश और समाज में भष्टाचार अपनी जड़े मजबूत कर लिया हैं I नैतिकता के मूल्य  में गिरावट आई है I ईमानदारी शब्द बीते जमाने की बात हो गयी है I इस कठिन परस्थिति में आज लाल बहादुर शास्त्री के विचार हमारे समाज के लिए वरदान साबित होगा I यदि हरेक भारतीय अपने जीवन में सादगी, नैतिकता और ईमानदारी अपनाये तो हमारा देश और समाज जल्द से विकसित की ओर बढ़ेगा I 

	लाल बहादुर शास्त्री ने आत्मबल और अनुशासन पर सिर्फ बल ही नहीं दिया, अपने जीवन में अपनाया भी I आज जरूरत है परिवार के हरेक सदस्य अपने जीवन में आत्मबल और अनुशासन को अपनाएं I जिससे उन्हें खुद भी अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा मिले I इससे हमारा समाज और देश में भी सुधार होगा I 

	हमारा समाज और विकसित भारत 

	हम सभी जानते है कि  परिवार से समाज और समाज से देश का विकास होता हैं I यदि भारत देश का हरेक परिवार महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री के बताये विचार पर चले तो विकास की रफ्तार तेज होगी I समाज का विकास भी तेजी से होगा I जब समाज का विकास तेजी से होगा तो हमारा देश भी तेजी से विकास की ओर जाएगा I तब हम तेजी से विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगे I 

	हम देश के सभी नागरिकों से आग्रह करते है कि 2 अक्टूबर  को महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर यह शपथ लेना चाहिए कि हम उनके बताए रास्ते पर चले I तभी हम भारत के प्रधानमंत्री का आग्रह कि,” जब हम अपनी आजादी की शताब्दी समारोह 15 अगस्त 2047 को मनाए तब तक हमारा समाज और देश विकसित हो जाना चाहिए I”को सफल बना सकते है I 

लेखक: नागमणि कुमार सिंह 
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