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मोती लाल साहु

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My Articles

क्या यह ऐसा है- अद्विक मेरे क़रीब है, कैसी उल्फ़त है- प्रकृति मेरे क़रीब है, यह देखो अद्विक- यह प्रकृति मुझमें ए-समाया है,, रिश्ता यह- read more >>
मैं जोगी- तेरा तू मेरा जोगनी, तू है प्रेम- मेरा तू मेरा जोगनी,, मैं दिल में तेरे- पनाह को ए-जिंदा हूं, ज़िंदगी क्या- तेरे बिना ए-जिंदा � read more >>
साथी- ज़िंदगी है एक सफ़र, साथी- ए-ठोकरों भरा सफ़र,, होगा नाना बर्ताव कई- देना वही जो आप ने कमाया, साथी- धैर्य गुस्सा या प्रेम....!!!!!!!! -मो� read more >>
"जब तू आता है, जब तू मिलता है, नज़र-ए-रूह मिलता है,, जब तू आता है"!!!! -मोती read more >>
"कुछ जानने- और कुछ पाने की, इच्छा का सर्वश्रेष्ठ मार्ग ख़ुद को जानने में निहित है"!!!! -मोती read more >>
मेरा ये- गीत पुकारे तुझे, प्रेम लिखा- है ए-पैगाम तुझे, तेरे ही नाम- का पिरोया सुर मितवा,, जन्मों- का महोब्बत लिखा तुझे!!!! -मोती read more >>
ये हवा- ख़ुशबू लाती है, हवा- संदेशा लाती है, मीठी-मीठी- एहसास जगाती है,, ये मेरा- मन मचलता है!!!! -मोती read more >>
"ख़ुद को- देखा क़रीब से"! "हर शय- देखा करीब से"! "बूंद चखा- सारा समुद्र क़रीब से"!! "देखा- एक को क़रीब से"....!!!! -मोती read more >>
माटी अचरज- अचरज यह माटी... मान अभिमान वैभव रूप यह माटी,, काया है माया- छाया का अहंकार... माटी अचरज- अचरज यह माटी....!!!! -मोती read more >>
यूंहीं- सोचा करता हूं ये, वक्त क्यों गुज़र जाते हैं जगत में- क्यों आते वक्त के, साथ क्यों गुज़र जाते हैं यूंहीं- जीवन क्यों ख़्वाहिश read more >>
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