चलता-
संसार में चलता न कहीं,
शांति है-
ना कहीं मिलता ना कहीं,,
खोजा-
अपने वजूद में अद्वितीय वह,
परंम-
प्रकाश में मौजूद था वह....!!!!
-मोती read more >>
एक मुसाफ़िर-
तू ही नहीं शहर में
ए-तमाम चले-
उसी राह शहर के
पर सैलानी सभी-
साहिल की तलाश में...
ए-चले मंज़िल-
दिल की गहराई में....!!!!
-मोती read more >>