मुझे लगता है, हर इंसान के अंदर बहुत कुछ होता है कहने को — पर हर कोई कह नहीं पाता। मैं उन्हीं अनकहे एहसासों, बिखरे जज़्बातों और खामोश सवालों को अपने रचनाओं में ढालता हूँ।
सवच्छ व सुंदर भारत के इरादा को गिरने नहीं दूंगा।
जो गंदगी फैलाए ,उसे दंड का आश्वासन नहीं दुगा ।
देश के जनता से ,मोदी जी ने बात ये कही ।
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