विवाह - एक पवित्र बंधन
माँ मैंने दिनेश को छोड़ने का मानस बना लिया है, आपके और पापा के कहने पर मैंने यह विवाह तो कर लिया, पर मगर अब और नही नि read more >>
कन्यादान
"अरे वधू के माता - पिता कहाँ हैं भाई ? उनको भी तो बुलाओ स्टेज पर । सभी के फोटो हो गए हैं सिर्फ वधू के माता - पिता ही रहे हैं । "
मैं read more >>
पंछी का संदेसा
एक दिन मैं शाम को जब बाहर घूम रहा था, तभी मेरी नजर खेत के नीम पर बैठी एक चिड़िया पर गई । मैंने सोचा चलो एक इसका तस्वीर लेत� read more >>
आरुष... पुत्र आरुष...
हां जी अंकल... अपने अंकल की आवाज सुनकर ऊपरवाले होल निकल कर सीढियों से नीचे उतरते हुए आरुष बोला...
आरुष... पुत्र मुकेश मह� read more >>
*कंगना*
हाल ही में अर्जुन से शादी करके आई कंगना अपने ससुराल में अपनी सासूंमां सुशीला जी के साथ बडी खुश थी, कारण दोनों ही एक - दूसरे को सम्� read more >>
शिखा
कुछ ख़ामोश सा था दिल है । न जाने क्यों ? पर बार - बार उसकी याद आ रही थी । चार साल हो चुके मेरे विच्छेद को पर शायद ही कोई पल गया हो उसे या� read more >>
माँ
शाम के साढे़ छह..... पौने सात बजे का समय रहा होगा। एक अनीश नाम का लड़का, दुकान पर आता है, गांव का रहने वाला था, वह चतुर व चालाक था।
उसका ब� read more >>