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ग़ज़ल
na Kuch paya na kuch khoya dagar me
ना कुछ पाया ना कुछ खोया डगर मे ता उम्र चला दिवानों की तरह सफर मे मुड़कर उसने भी राहे सफर बांध लिया पलट कर जा चुका था मैं भी नगर मे छुपक�
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Aasmaan sar pe utha lo magar Ahatram k sath
मुद्दा कोई भी उछालो मगर एहतराम के साथ आसमां सर पे उठालो मगर एहतराम के साथ चलते भी रहो और सांस भी ना फूले ऐ दोस्त दौड़ने का हुनर पालो मग
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na mein darpan hu na tum darpan ho e dost
ना मैं दर्पण हूँ ना ही तुम दर्पण हो ऐ दोस्त ना मै ईश्वर हूँ ना ही तुम अर्चन हो ऐ दोस्त प्यार वफ़ा इंसान और इंसानियत के प्रति ना मैं अर्�
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subho sham haathon ko hasrat se malte ho
सुबहों शाम हाथों को हसरत से मलते हो इसी वजह से तुम मेरे बजूद को खलते हो ना चिंगारी निकलती है ना आग जलती है चाहत मे तुम कितनी मुहब्बत से
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us nanhe munne parinde me bhi jan thi e dost
उसकी भी जिंदगी थी पहचान थी ऐ दोस्त उसका भी अपना जहाँ था शान थी ऐ दोस्त जिसको खाया है तुमने बढ़े चाव से तलकर उस नन्हे मुन्ने परिंदे मे भ
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ek Rahsmiya duniya ka khyal man me pale huye
एक रहस्मय दुनियाँ का ख्याल मन मे पाले हुए घर से निकला था मैं,चेहरे पर नकाब डाले हुए मरते वक़्त भी दूरी गवारा ना की उसने मुझसे हाथ थामे
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har aadmi gungan Or behra ho jata h
जुबां पे सत्ता का जब पहरा हो जाता है हर आदमी गूंगा और बहरा हो जाता है उम्र भर टिमटिमाते हैं मगर बाद मरने के जुगनुओं की लाश पे अंधेरा हो
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ye batao chand taro par kiya likha jayega
बेनूरी है अब नजारों पे क्या लिक्खा जाऐगा इस मौसम मे बहारों पे क्या लिक्खा जाऐगा दरवाजे पर तो मुझको गद्दार लिखा है उन्होंने सोचता हू�
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ज़ख़्म को आने दो
नए उस ज़ख़्म को आने दो, वो मेरा दिवाना है उसे मेरे पुराने ज़ख़्म पर मरहम लगाना है।। ये टुकड़े देख कर जानाँ , न उलझो तुम सवालों में मेरी तस्�
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बातों ही बातों मे बात कजा हो जाऐगी
बातों ही बातों मे बात कजा हो जाएगी नींद मारी जाएगी रात कजा हो जाएगी ये कैसा धरम है ये कैसे लोग हैं जिनकी अछूतों के छूने से जात कजा हो ज�
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gareeb tha fakeer tha kalandar tha bo
गरीब था फकीर था कलन्दर था वो जो भी था दिल का सिकंदर था वो न नदी था न पोखर था न दरिया था दूर तलक़ फैला हुआ समंदर था वो कहीं भी मुकाम मुकर�
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had se bekabu hota hua parinda
हद से बेकाबू होता हुआ परिंदा होशो हवास खोता हुआ परिंदा अब हर डाल पर मौजूद है बस बैबस उदास रोता हुआ परिंदा खुआबों की दुनिया से अचानक �
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