स्वरचित रचना- हम जो डूबे तो सनम,......................।
हम जो डूबे तो सनम, तुमको भी ले डूबेंगें।
इसलिए दूर से ही लीजिए, लहरों का मजा,
खामखां आप समन्दर read more >>
दिल की शाख पे बैठा कोई परिंदा,
हर घड़ी हर पल प्यार की कूँक लगाए।
उड़ जा तू यहाँ से ,मत अपना बसेरा बना,
फिर ना जाने कौन मुहब्बत की हूक जगा� read more >>
शिव तेरा नाम, जपऊ जितनी बाार
मन भरता नही, जपऊ जितनी बार
मन मन्दिरा, तु ही हे शिव सुन्दरा
शिव, तेरी जय-जय-कार, करु जितनी बार
मन भरता नही, ज� read more >>
आजकल ना जाने क्यों ?
दिल में हकीकत, और उम्मीद. पर एक जंग जारी है l
दिल हकीकत से दूर भागता है। कुछ झूठी उम्मीदों की आशा करता है।
आशा ,निराश� read more >>