हे नारी तुम कलयुग में भी धर्म पग पर चलती जाओ,
कर्मो से अपने इस जग को, तुम दिव्य स्वरूप दिखाओ l
तुम झुको सही,पर रुको नही, यह अद्भुत दृश्य द� read more >>
अ अनार के दाने खाओ
आ आम मे चूस लगाओ
इ इमली की बने खटाई
ई ईख की बने मिठाई
उ उल्लू को मार भगाओ
ऊ ऊन का स्वेटर बनाओ
ए एड़ी पर बदन सम्भालो
ऐ � read more >>