मुख बम बम बोल रहा है, तन अंदर हि अंदर डोल रहा है।भांग नसो को खोल रहा है, आँखे कुछ न कुछ टटोल रहा है।दिल भी अंदर हि अंदर बोल रहा है, मन मे कुछ read more >>
हुँ ,मे गीत इश्क का,
थोड़ा ,गुनगुना देख
मिटा हूँ म।
चाहतो पे.... आजमा
के देख.....
हुँ मे सफर दीवानगी का
मुझे.....
हम-सफर बना के देख।
राहो मे त� read more >>
आज फिर मेरी जुवा लड़ खराने लगी है, उसकी यादे दिल को अंदर हि अंदर जलाने लगी है।धुंआ धुंआ सा मंजर आँखों पे छाने लगी है, लव भी उसी कि गीत गुनग� read more >>