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दोस्ती-जीवन भर चलने वाली एक प्रक्रिया
दोस्ती ! जीवन भर चलने वाली एक प्रक्रिया हर मोड़ पर मिलते हैं पर गुम हो जाते हैं धीरे–धीरे जैसे उजाला दूर जाता अंधेरा होता है वैसे दुख �
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जप लो राम राम
अभिनंदन , अभिनंदन , अभिनंदन पधारो मेरे प्रभु कौशल्या नंदन मगन है अवध की हर गलियाँ मेरे प्रभु आपक
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गाँव का जीवन-गांव को इतने करीब से जिया है
हाँ, मैंने गांव को इतने करीब से जिया है, खेतों में पीले सरसों के फूलों को सौंधी खुशबु के साथ खिलते देखा, सर्दी मे कोहरे की सफेद चादर की
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राम नाम की धुन है-राम से बढ़कर कोई नहीं है
राम नाम की धुन है राम से बढ़कर कोई नहीं है रटता रहता हूं राम नाम अब पूरे हो जाएंगे जाप मेरे ले लूंगा राम भक्ति के सात फेरे हनुमान राम स
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देश जब आजाद हुआ- स्वतंत्र होने का भाव भक्ती का गीत गाया
"देश जब आजाद हुआ" स्वतंत्र सी हवा लगी अपनत्व का सा भाव मिट्टी में खुशबू लगी हर गली हर गांव पेड़ो की पत्तियां खिली ज�
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भोलेनाथ का त्यौहार-खुशियों के रंग भक्तो के संग होंगे भक्ति में झूमते भोले के भक्त होंगे
"भोलेनाथ का त्यौहार" खुशियों के रंग भक्तो के संग होंगे भक्ति में झूमते भोले के भक्त होंगे भोले के जयकारों से दुनियां दीवानी होगी भोल�
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लाइट की मनमानी-लाइट भी करती हैं अपनी मनमानी ना जाने ये इतना क्यों सताती
"लाइट की मनमानी" लाइट भी करती हैं अपनी मनमानी मौके पे तो हर बार चली हैं जाती वापस आने में करती हैं आनाकानी ना जाने ये इतना क्यों सताती
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लिख सकूं तो-मां की महोब्बत लिखना चाहती हूं
लिख सकूं तो मां की महोब्बत लिखना चाहती हूं नौ महीने का दर्द और उसकी सहन शक्ति दिखाना चाहती हूं एक मां के अंदर का तूफान और बाहर की ख़�
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सर्दी के रंग-जैसे जैसे पारा नीचे गिरता हैं मौसम रंग बदलने लगता हैं
"सर्दी के रंग" जैसे जैसे पारा नीचे गिरता हैं मौसम रंग बदलने लगता हैं क्या करे ये सर्दी जब आती सबको बड़ा सताती गलियों में हैं धुंध का क
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हिंदी हूं मैं-जन जन की भाषा हूं मैं हर मन की अभिलाषा हूं मैं
"हिंदी हूं मैं" जन जन की भाषा हूं मैं हर मन की अभिलाषा हूं मैं संस्कृत की बेटी हूं मैं सरल, सहज और मीठी हूं मैं मीरा के गीतों में तुलसी क
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चाय प्रेमी-लोगों की एक खासियत हैं किसी को दिल से अपनाते हैं
"चाय प्रेमी" हमारे यहां के लोगों की एक खासियत हैं ये हर किसी को दिल से अपनाते हैं जैसे चाय को ही देख लो हैं तो अंग्रेजो की चीज पर चाय की �
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बारिश और पकौड़े-हमारे यहां बारिश भले देर से आएं पर घरों में फरमाइश पहले आ जाएं
"बारिश और पकौड़े" हमारे यहां बारिश भले देर से आएं पर घरों में फरमाइश पहले आ जाएं आकाश में काली घटाओं का छाना ओर घरों में चर्चा का शुरू �
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