⭐ कविता = ( प्यार ढूंढ़ता है )
जिस्में मंडी में प्यार ढूंढ़ता है !
मुर्दों के सीने में जान ढूंढ़ता है !!
रोज़ लगती जहाँ प्यार की बोलियाँ !
उस � read more >>
Dear ससुराल तुम मायके सा फिल करा पाओगे क्या,
बहु बनने का शौक नही मुझे अपनी बेटी बना पाओगे क्या,
Dear सासु मां में आपसे वादा करती हूं में आपको � read more >>
कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर.
लाकर मुझे खड़ा कर देती है!
जहां से मैं मुड़ ,कर पीछे देखना भी नहीं चाहती हूं
मगर वह गुजरा हुआ पल, वह अतीत ,हम� read more >>
आजकल हम बहुत शांत हो गए हैं
पर ऊपर से तो यह शांति सर्वविदित है
पर न जाने क्या मन में बहुत ही हलचल मची हुई है
जिसकी शोर से मैं अपने आप को � read more >>
बार-बार पता नहीं क्यों?
कुछ मैं लिखती हूं. फिर मिटाती हूं .न जाने क्या ?
मन की रहस्य को उजागर करना चाहती हूं "चाहती तो हूं कि लिख दूं 'अपन read more >>
पुरुष कठोर क्यों
पुरुष इतना कठोर भी नही होता ,
वो सिर्फ बाहर से दिखता है ,
दिल का बहुत कोमल वो होता है ,
कठोर होना उसकी मजबूरी है ,
वो परि� read more >>
न कोई गम न किसी गम की खबर!
और कहते हैं दिल के सच्चे होते हैं!
सच में दिन तो बचपन के अच्छे होते हैं!
खेल में यू मगन कि पूरा दिन एक पहर लगता � read more >>