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हिन्दुस्तान है मेरी जान, यहाँ मस्जिद मैं माँगी दुआ मंदिरो मे कुबूल होती है, जहाँ हर माँ अपने चाँद के टुकड़े को देश की शहादत में खोती है, read more >>
थल सेना_जल सेना_वायु सेना, हमारे देश के शान और अभिमान हैं। इनके हैं हम सभी हिन्दुस्तान वासी तन_मन_धन से शुक्रगुजार । ये वीर पुरुष हैं_य� read more >>
बिना चुनौती के तो, जिन्दगी भी पूरा नहीं जी पाओगे । जिन्दगी का दूसरा नाम ही चुनौती है, इसे स्वीकार करो और सकार करो। जीवन के राह में, कोई � read more >>
सहसा एक दिन नजर पड़ा छत के एक घोंसले पर लगा सोचने बड़े देर तक विधि की है कैसी माया प्यार कहूं कि स्वार्थ कहूं? देख मां बच्चे पर छाया च� read more >>
वह दारूण दर्शय देख- देख कर आंखे नम हो रही है, मेरे दिल में उनके लिए दया की लहरें उमड रही है, कल तक थे जो आजाद परिंदे वो आज गुलामी में जकड रह read more >>
ममता की तू अजब दुलारी प्यार में तू न्यारी है, इस दुनिया में माँ तू मुझको सबसे ज्यादा प्यारी है, तेरी प्यारी छाँव में मुझे दुख-दर्द कुछ न read more >>
रिश्ते ऐसे भी मिलते हैं जग में यहां कुछ बनते हैं और कुछ बिगड़ते यहां सांस की डोर है आ रही जा रही है यह किसी के भी रोके तो रुकती नहीं कि read more >>
ममता की तू अजब दुलारी प्यार में तू न्यारी है, इस दुनिया में माँ तू मुझको सबसे ज्यादा प्यारी है, तेरी प्यारी छाँव में मुझे दुख-दर्द कुछ न read more >>
वह दारूण दर्शय देख- देख कर आंखे नम हो रही है, मेरे दिल में उनके लिए दया की लहरें उमड रही है, कल तक थे जो आजाद परिंदे वो आज गुलामी में जकड रह read more >>
गिल्ली डंडा बाघा बीता छुक छुक इंजन वाला खेल, दिन भर आना जाना रहता सबसे होता रहता मेल, सुख-दु:ख की सब बात समझते, अपनापन के फूल थे � read more >>
भटक रही थी बूढ़ी महिला तम तमाती धूप में | अधमरी सी झुकी खड़ी थी, कंकाल के रूप में || उपल ,कण्डा उठा उठा कर , भर रही थी टोकरी. | चाह जीने की प् read more >>
भटक रही थी बूढ़ी महिला तम तमाती धूप में | अधमरी सी झुकी खड़ी थी, कंकाल के रूप में || उपल ,कण्डा उठा उठा कर , भर रही थी टोकरी. | चाह जीने की प् read more >>
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