कास पेड़ भी चलते होते,
कितने मजे हमारे साथ होते,
बांध डाली में उसके रस्सी झूला भी झुल लेते, जहाँ कहीं हां मन कहता वहां उसे ले जाते।
जब जब � read more >>
बेटी से ज़ब बहु बनी मै
नये रिस्तो से बंध गई मै,
माँ बाप मिले पर मेरी जिद पूरी कर ना सके
छोटे भाई बहन मिले जो मेरी डाट सह ना सके
जिनके हाथो � read more >>
दो तमनाऐ है ,और एक ही मंजिल है
कोई ख्वाब है तो, कोई दिल की ख्वाहिश है
दो राहे जाती है, इक ही डगर को
कोई दवा जैसी है तो ,कोई दुआ जैसी हो
सुल� read more >>
साथ बिताये ,चंद लम्हे ही रेह जाते है
प्यार के पल ,कहा फिर वो लौटके आते है
गम के दामन मे फिर ,खुशियाँ कहा नजर आते हैं
ऐसे मोहब्बत मे ,अचानक read more >>