वो इश्क़ ही क्या, जो दर्द ना दे
और वो इश्क़ ही क्या जो मुकम्मल हो जाए.....
वो इश्क़ ही क्या, जो आँखो मे आशु ना लाए
और वो इश्क़ ही क्या जो चेह� read more >>
ये आज कल की कच्ची उम्रों के प्यार भी न...
जरा सी बात पर जाँ देने पर उतर आते है।
जरा उन माँ-बाप का भी ख्याल रखा करो
जो मन्नतो में मांग कर तुम� read more >>
(शायरी)
मेरी सारी सोच पूनम नगर से आई है,
जो रिमझिम बरसात में नहाई हुई है।
दिखने में भव्य दिव्य खूबसूरत लगती है,
सामने वाले को भी महका के � read more >>
(शायरी)
जंगल की वह कहानी आज भी कुछ कहती रहती है,
जहां घूमने जाने पर मंगल ही मंगल लगता था।
न कोई खौफ न कोई डर था हम सब ही संग थे,
मन में मस्त� read more >>