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खो जाए-तुम्हें दिल में छुपा कर कहीं खो जाए
आओ कुछ इस तरह से हम प्यार में ! डूब जाए तुम हमें खोजो हम! तुम्हें दिल में छुपा कर कहीं खो जाए!
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तेरा प्यार-कुछ इस तरह से तेरे प्यार में डूबे हैं
कुछ इस तरह से तेरे प्यार में डूबे हैं ! हम भूल बैठे हैं दुनिया की रस्मों रिवाजों को हम!
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नजर-नजरों के सामने ही नजरों से धोखा हो गया
नजरों के सामने ही नजरों से धोखा हो गया क्या कहे इश्क में वह मेरे सामने ही बेवफा हो गया
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घाट-घाट का पानी पिया हूं-खामोशी में मौज करता हूं
"घाट-घाट का पानी पिया हूं, खामोशी में मौज करता हूं",,, "अब कुछ बाकी नहीं है, मंज़िले सफ़र बुलंद है"....!!!! -मोती
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यह दिल दरबार उसका-रचा रब ने
"यह जो चेहरा दिए- कई-कई रूप रब ने" "चेहरा ख़ुद का- छुपाया दिल तेरे रब ने" "तू खोजता फिरता- रब को कई-कई दर में" "यह दिल- दरबार उसका रचा रब न�
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तू जाती हैं-तो जा मेंरा क्या
तू जाती हैं तो जा मेंरा क्या बापस आएगी एक दिन मेरे ही पास मेरा क्या मान की मैं थोड़ा ओल्ड हूँ पर पुराना बाला गोल्ड हूँ और नया से जादे �
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तू समझा कहा हैं मेरी हसरतों को
मैं नाराज हु तेरी बातों से मैं परेशां हु तेरी आदतों से तू समझा कहा हैं मेरी हसरतों को मैं बेचैन हूँ तेरी जीने की उट पटांग वे फ़िक्र अं�
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पता नहीं किस बात से -वो रूठा हैं मुझ से और खफा भी हैं
वो रूठा हैं मुझ से और खफा भी हैं पर किस बात से गुस्स हैं पता नहीं कहता हैं मैं दोस्त हूँ तू मेरे दिल में रहता हैं पर मालूम नहीं क्यो�
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कैसे करूं उस रब की तारीफ-जिससे जुड़ा मेरा अक्शे- कमल
कैसे करूं उस रब की तारीफ़। जीवन का स्रोत उसकी तारीफ़।। जिससे जुड़ा मेरा अक्शे-कमल। नूर मेरा वह रूह की तारीफ़।। -मोती
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राधेश्याम का प्रेम अमर हैं-बीत गये ना जाने कितने युग
राधेश्याम का प्यार अमर हैं, बीत गये ना जाने कितने युग, हुआ ना कम प्यार उनका, ऐसे हैं मेरे राधेकृष्ण।
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चेहरे से इंसान की पहचान नहीं होती-धोका दे जाते हैं अक्सर चेहर
चेहरे से इंसान की पहचान नहीं होती, धोका दे जाते हैं अक्सर चेहरे, पहचान तो वरतने से होती।
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जो सोचते हैं वो होता नहीं-जो होता है वो सोचते नहीं
जो सोचते हैं वो होता नहीं, जो होता है वो सोचते नहीं, ये कैसा किस्मत का खेल है, एक बार सपना टूटकर जुड़ता नहीं।
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