जमीं पर जब नन्हीं जान आती है ,
तक़दीर खुद वह अपनी संग में लाती है ,
तक़दीर भी जब ही देती है साथ मेरे दोस्त___
जब नन्हीं जान जवानी में पसीना � read more >>
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं,
उसकी कचहरी में कोई हेर _फेर नहीं ,
वह सबका हिसाब करता है तराजू से तौल कर____
सज़ा देने में भी करता कोई देर _सब� read more >>
किसी ने पूछा, तुम्हें उसकी याद तो आती होगी ना?
हमने कहा, याद का क्या है ओ तो आती रहती है
मगर हम खुद को काम में इतना व्यस्त करते हैं की
उसकी read more >>
मैं हर रात तोड़ता हूँ रिश्ता तुझसे,
मुझे हर सुबह तेरी हसरत हो जाती है,
तू ही बता मैं तुझे सामने बिठा कर तुझसे कैसे लडूं??
मैं जब जब तेरी आ� read more >>