क्या कहूँ😔 कि कैसे जी रहा हूँ🥺 !
जिंदगी हैं साहब🥺! बस जी रहा हूँ 😔!!
है इन आंखों में सपने बहुत🥺 !!!
बस उन्ही को पूरा करने की कोशिश कर रहा हू read more >>
हर रोज एक नई कसमकस है,
जिंदगी है साहब ! बेबस है !!
उम्मीद भी बहुत कुछ है !
हमको इस जिंदगी से !
पर कमबख्त देती कुछ नही है !!!
दोस्तो ! शायरी अच्� read more >>