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शायरी
उम्र गुजरी है
उम्र गुजरी है मेरी तुझको ,मोहब्बत में यंकी दिलाते हुए पर क्यों तुझको न आया, कभी यंकी मेरे लिए। धन्यवाद
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जो तुम्हें जन्म नही दी है तुम उस के मोहब्बत की ताबीज बनाए फिरते हो।लेकिन जिसने माँ ने तुम्हें जन्म दी है तुम ने उसी की मोहब्बत पर पैब�
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जिंदगी एक सफर
जिंदगी एक सफर है, मुश्किलें भी आती हैं, रास्ते कठिन भी होते हैं, कंकर पत्थर भी पड़े होते हैं, सब पार करके किनारा पार करना होता है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अपने खूबसूरती पर इतना गुरुर नही करो तुम्हारी चाहत तुम्हारी जवानी तक ही लोगों को पसंद है। लेकिन जवानी ढलने के बाद लोग तुम्हें पसंद क्
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जितना भी इंसान दुखी है सब को मोहब्बत नसीब नहीं हुई है।क्योंकि उम्मीद इन्सान नही मोहब्बत ने तोड़ रखी है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम्हारा मोहब्बत काबिल मोहब्बत नही अब अपाहिज मोहब्बत हो गया है।जो तुम खुद से खुद को अपहरण कर के कोर्ट मैरेज से अपनी ही मोहब्बत को हास
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बेटा तेरा उम्र छोटा नही है तू खुद से खुद को छोटा मत समझ।उठ और जा हनुमान के तरह रावण की लंका में आग लगा कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर फिर �
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम जमाने को बदनाम कर रहे हो।यहां लोग कफन के पैसे चुराकर मोहब्बत की ताबीज गले में लटकाए फिरते है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम लोगों में इंस्प्रेशन ढूंढते हो जबकि तुम्हारे अंदर खुद ही इंस्प्रेशन भाड़ा पड़ा हुआ है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं कमजोर नहीं हूं मुझे मेरे वक्त ने मुझ से मुंह फेरे हुआ है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
पांच पांच हजार सोसल फ्रेंड तुम्हारे किस काम के है साहब।जबकि तुम्हारी मैयत पर चार लोग ही काम आयेंगे तुम्हारी ताबूत उठाने।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
उसको तुम से मोहब्बत नहीं है उसे सिर्फ तुम्हारी फेम चाहिए।बात रही मोहब्बत की तो दुनिया भड़ी पड़ी है कभी भी हो जायेगी।
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