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शायरी
निहारा बहुत चाँद
क्या? लिखूं कि ये शाम गुजर जाये,। सोचती ,हूँ, आंख ही बंद ,कर ,लूं, और ,ये ,हालात सुधर जाये,। बहुत,निहारा ,चाँद ,एक,। मजाल ,कि ,ये याद ,मिट ,जाये,�
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जो ख़ुदा को रखते हैं
जो ख़ुदा को रखते हैं दिल के हुज़रे में वो परिंदों को क़ैद नहीं करते पिंजरे में - त्रिशिका श्रीवास्तव धरा' कानपुर (उ.प्र)
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यहां ज्यादा की जरूरत नही
यहां ज्यादा की जरूरत नहीं थोड़े में गुजारा होता है। जहां ज्यादा मिले वहां सब बिखरा हुआ होता है। ** *** ** *** ** *** कौन बटोरेगा वो बिखरा ह�
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अक्सर इक सवाल ज़ेहन को सताता है
अक्सर इक सवाल ज़ेहन को सताता है इक ज़ख़्म भरते ही दूजा क्यों मिल जाता है राहत मिलती है उन के छुने से मुझे चारागरों का कोई इलाज़ काम नह�
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मुफ्त मिली हुई हर चीज तुम्हें सिर्फ दर्द देगी लेकिन खुशी नही जिसे मोहब्बत कहते है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जमीन से आसमा तक सिर्फ तुम्हें खुदा ही पहुंचा सकता है।लेकिन लोग तुम्हें नीचे से उपर नही डायरेक्ट उपर भेज देंगे।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम अपना हक तुम खुद ही हासिल करो कोई तुम्हें देना नही चाहेगा।क्योंकि यहां बिना मांगें लोग फकीर को पैसा नही देते है तो तुम्हारी हक तु�
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइक़त-उल-माैत सोंचा तुम्हें याद दिला दूं तुम्हारी अकड़ कम हो जायेगी।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
माँ के वजूद से ही तुम्हारा वजूद पैदा हुआ है। लेकिन बही माँ तुम्हारी सादी होने के बाद तुम्हें बोझ लगने लगती है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिस मोहब्बत की तुम्हें तलाश है वो मोहब्बत सिर्फ तुम्हें माँ के पास ही मिलेगी जिसकी वफा पत्थर के लकीर से खुदा ने खुद लिखा है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
पूरी दुनिया की मोहब्बत एक तरफ और माँ की मोहब्बत एक तरफ कर दिया जाए तो 99% मोहब्बत की हकदार सिर्फ माँ ही होगी।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इबरत हासिल करने के लिए खुदा ने कुरान लिख दी।लेकिन इंसान कुरान को अलमारी में बन्द कर के दुनिया बालों में इबरत ढूंढते है।
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