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शायरी
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शायरी
Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शर्म करना छोड़ो शाहब अब हया भी किस के पास है।क्योंकि जब हया ही नही रहा तो शर्म क्या करेंगे।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिसे लोग जोकर समझ रहे है। उन्हें बता दूं ताश के 52 पत्तों में जोकर के बिना बादशाह का कोई वजूद नहीं ही।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मांओं की मोहब्बत को ठोकर मार कर,किसी अजनबी के मोहब्बत का गुलाम बने हुए हो।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं बुरा ही सही हूं शाहब तुमने सही होकर क्या उखाड़ लिया है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मां तेरे बारे में क्या लिखूं क्योंकि तेरे बिना मेरा वजूद ही नही है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
गरीब होन जुर्म नहीं है तो मोहब्बत अमीरों से क्यूं करते हो।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़ नियत शायरी
सब नियातों का खेल है शाहब क्योंकि जिनाह सिर्फ मोहब्बतों में देखाई देती है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं खुद अपना नही हो पाया तुम् को पाकर क्या उखाड़ लूंगा।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं खुद ही अपना वजूद हूं। लेकिन तेरे मोहब्बत के सिवा मेरा वजूद नहीं है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिसने शुकून बनाया है। लोग उसे छोड़ कर एक पैसे के टुकरे में शुकून ढूंढ रहे हैं।
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तुझे चाहने की गुनाह ने.......,
तुझे चाहने की गुनाह ने, हमे बीच मझधार मे डुबोकर रख दी सभलना चाहे हम जब- जब, तब- तब तेरी यादों ने जकर ली ✍✍💓💓💓💓👌👌💯💯👏👏
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शायरी - दर्द भरी।
मुकम्मल इस जहाँ मे कौइ नही। बस जरूरत है दिदार को तरासने में। हँसी के फुव्वारे हो तुम नजर के सहारे हो तुम। अपनी मुस्कुराहट को कभी बंद �
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