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शायरी
Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कहां तक वफा करू मैं, क्योंकि अब लोग भी पैसों को वफा समझ ने लगे है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब इंसान का कोई इज्जत नही रहा,क्योंकि अब इंसानों से ज्यादा पैसों का इज्जत होने लगा है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
खुदा मैने तुम्हें बहुत मोहलत दी लेकिन तुम ने मुझ से ही बगावत कर के अपनी मौत को भूल गए।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मदद करने के लिए बोलो तो कोई नही करता है।लेकिन पहचान दिलाने के लिए कह दो तो पूरा खानदान का कॉलिटी बताने लगता है।
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मेरे हमदम
बड़ी मुश्किल से दामन बचाकर आया तेरे पास मिला न तुम मुझे ,मिली हमे मौत
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तुझसे
दिल बार - बार तुझसे यही इल्तिज़ा करे दूर जाना हमसे ,पर अपने दिल में पनाह हमें ही देना। धन्यवाद
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब एक दूसरे के बुराई में लगा हुआ है,लेकिन अपने किरदार के दाग को छुपाए हुए है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
किस दोस्ती की बात करते है लोग,जब मोहब्बत बिक सकती है तो दोस्त क्यों नही।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मोहब्बत गिरवी रख कर वफा ढूंढ रहे है लोग।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
दोस्त मोसीबत में दुनिया स्वाद लेती है। लेकिन तरक्की करोगे तो हेट मिलेगी।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मूड ऑफ ही रहता है शाहब,क्योंकि शुकून ढूंढ़ता हूं तो वेचैनी बढ़ जाती है।
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ख़त जो मैंने लिखे जिन्दगी
कितने ही ख़त लिखती हूँ ,मैं,हर, रोज, जिन्दगी के नाम,। तुम सोचते हो,ये यूं ही चल रही है,मेरे साथ,।। कविता पेटशाली 💌✍️❤️💓💗💝❤️♥️❣️💜💝
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