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राधेश्याम की छवि
देखू इनकी सूरत रोज, वृंदावन में बस जाऊं, निहारु इनकी छवि, राधे राधे,श्याम श्याम गाऊ। जय श्री राधे कृष्णा
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मेरा ज़िन्दगी से गहरा नाता है,,
महसूस करा दूं ,एँ , जिंदगी तुझे , मुकाम बहुत गहरा है,मेरा ,यूं ही नहीं कोई मौत के घाट से ज़िन्दा लौट आया है,।। कविता पेटशाली ✌🏻🇮🇳💖
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शीशे का बदन
शीशे का बदन मुखड़ा चमन नशीले नयन होठ प्यासा मै खाना जुल्फ धना घनघोर घटा चमके जैसे बिजली सा मन गर्दन सुराही दार तेरा अकड़ीली भडकेल�
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शेर
जिंदगी मौत के बदले मै शिफा मागेगी । कौन देगा उसे मौत के बदले मै शिफा यहाँ।।
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जो गुजरी राह से
शिला पर नाम लिखा किसी ने कविता,अधुरा छोड़ दिया जो गुजरी मैं उस राह से , फिर लौटकर आना होगा वापिस इस मुकाम पर कहकर,शीर्ष मैंने पूरा किया,,।
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बस जान देनी बाकी थी
दिल दिया था उसे, बस जान देनी बाकी थी रुसवा होके उसकी महफिल से, बस यादे ही रेह जानी थी
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Mr.Deepak
सपने को भूल कर जिया तो क्या जिया. दम है तो उसे पाकर दिखा. लिख पत्थर पे ज़िन्दगी की कहानी और सागर को बोल दम है तो उसे मिटा कर दिखा?
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मज़हबी ज़हर बोना ही जिसका धंधा है
मज़हबी ज़हर बोना ही जिसका धंधा है वो कोई पुजारी नहीं, सियासत-दाँ है इनकी ख़ातिर जो झगड़ रहा आपसदारी में सच पूछिये तो साहिब वो अक्ल का अ
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आदत ही इबादत है,,
जमीन पर देखने की आदत है, मुझे। आसमान खुद ही झांकता है, मुझे ,,।। कविता पेटशाली ♥️✌🏻
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महादेव को समर्पित
तमाम उम्र तुम्हारी इबादत करुँगी यूँ ही तुम्हारे क़दमों में बैठी रहूँगी तुम मानो मुझे अपना या गैर समझो मैं ख़ुद को तुम्हारी अमानत कहूँ
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शीशे का टुटना लाजमी है,,
कहां रहती है, मुलाकात याद,‌ यहां अच्छे लोग होश गवा बैठते हैं,। कविता पेटशाली 🙏🖋️📒
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कोई तो आकर सुलझा सके
अठपटे ,उलझी- उलझी बाते, कोई तो आकर सुलझा सके बेरंगी जहाँ मे रंग भरकर, खुशीयों के पल हमे दिखा सके 💓💓💓💓💓💓✍✍✍✍
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