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शेर
वो रातो को ख्वाबों में आने लगे है । मौहब्बत मेरी बो जताने लगे है। खुले जब आँखें तो बहते है आँसू मुझे मौहब्बत मे इतना सताने लगेहै।।
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सिर्फ ऐसे हो तुम
चाँद की चाँदनी जेसे सूरज की किरने जेसे धरा की छांव जेसे अम्बर की शान जेसे सिर्फ ऐसे हो तुम /
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अदा रूठ जाने की
मेरी सारी कोशिशें नाकाम हो रही हे तुम्हें मनाने की कोई और सिखाता हे क्या अदा रूठ जाने की /
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कोशिश करता रहूँगा
कोशिश करता रहूँगा तुम्हें मनाने की कोई अदा मत सीख जाना रूठ जाने की /
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रूठ जाना हमारी फितरत मे नहीं
रूठ जाना हमारी फितरत मे नहीं मुस्कूराना हमारी फितरत मे आसान लगता हे, जब कोई अपना रूठे उसे मनाना हमे अच्छा लगता हे /
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कभी-कभी मन में एक सवाल आता है
कभी -कभी में सवाल आता है, मतलब की दुनिया मतलब के लोग, कहां रह गये अपने , कौन अपना कौन पराया, अपनेपन का कहां है बोल।
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जिंदगी की रेस
जिंदगी की रेस में हम पीछे हैं रह गए, लोग निकल गई आगे, हम उनको देखते रह गए, अनजाने थे नादान थे, हमेशा सीधी रास्ते पर चलते रहें।
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पल-पल बदलती है जिंदगी
पल-पल बदलती है जिंदगी, वक्त के साथ ढलना सीखना, हालात कैसे भी हो, टूट कर ना बिखरना, दूसरा सहारा देंगे उम्मीद छोड़ देना, खुद को संभाले रखन�
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खुद पर भरोसा
खुद पर ही भरोसा करना, यहां कोई नहीं देता बुरे वक्त में साथ, खुद ही हालातों से निकलना सीखना, किसी से कोई उम्मीद ना करना।
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मेरी माँ के आँगन से,ये शहर छोटा लगता है
मेरी माँ के आँगन से , ये शहर छोटा लगता है। मेरी माँ के दीपक से, ये सूरज फीका लगता है।। हम लाख कमा ले दुनिया में ,मनचाही दौलत। पर माँ के �
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तुम होते तो कितना अच्छा होता
तुम होते तो कितना अच्छा होता/ हर वक्त हर पल अपना सा होता तुम होते और बस एक में सात पल सात जिया करते, तुम होते तो कितना अच्छा होता/ ये जी�
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मत खोल निगाहें ओ रब्बा,
मत खोल निगाहें ओ रब्बा, देखने को जी नही है चाहता ना हो दोबारा मनुष्य मे जन्म, ये संसार है बुराईयो का मारा
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