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अपराध बोध-पूनम मिश्रा

आज मैं 8 वर्ष के पश्चात अपने मां-बाप के पास कुछ दिन सुकून के पल गुजारने के लिए आया था लेकिन मेरी 8 वर्ष पूर्व की हुई गलती को उन्होंने आज तक नहीं भुलाया आया तो मैं था माता पिता के साथ कुछ दिन रहने को पर हालात ने मुझे इतना मजबूर कर दिया कि मुझे अपना इरादा बदलना पड़ा मैं अपनी मां की गोद में सर रखकर कुछ हमसे बातें करना चाहता था उन्हें अपने इन 8 सालों में क्या हुआ उसके बारे में बताना चाहता था लेकिन कल रात जब खाना खाकर हम सब सोने जा रहे थे तभी मैंने पिताजी की नाराज होने की आवाज सुनी वह मां से पूछ रहे थे यह कब यहां से जाएगा मैं इसे देखना नहीं चाहता मां उन्हें समझा रही थी अरे क्यों भूल जाते हो अपना ही तो खून है इतनी कौन सी बड़ी गलती की है उसने जो तुम इससे इतना नाराज हो बच्चों की खुशी में ही तो अपनी खुशियां होती हैं पर पापा बोल रहे थे तुम उसके प्रेम में पागल हो गई हो पर मैं नहीं
यह मेरे लिए जीते जी मर गया है मैं इसे देखना भी नहीं चाहता इसने पूरे समाज में मेरी इज्जत गवा दी है मैंने दूसरे दिन फिर रात के भोजन पर यह महसूस किया पिता की नफरत भरी निगाहें मेरे पीछा करती रही मैं आया तो था यहां पर 2 महीने अपने मां पिता के साथ गुजारने को मगर 4 दिन में ही मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैं यहां से चला जाऊं इसी में हम सब की भलाई है जिस तरीके से मैं 8 साल पूर्व चुपचाप घर से निकल गया था उसी तरीके से मैंने आज रात में यह निर्णय किया कि मैं सुबह होने से पहले ही घर छोड़ कर चला जाऊंगा लेकिन मेरी ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वह मेरी मां बाप की इच्छा को पूर्ण करें ताकि उनकी इच्छा उन्हें जीवन पर्यंत मलाल देती रहे कि वह अपने बच्चे का पार्थिव शरीर ढोने के लिए ही जिंदा थे मैं जानता हूं कि मेरा यह सोचना उचित नहीं है फिर भी भगवान मेरी इस कामना को पूर्ण करें क्योंकि वह मेरे लिए इसी प्रकार की सोच रखते हैं मैं मन से बहुत दुखी हो जाता हूं जब मैं ऐसी बातों को सुनता हूं कि मेरे पिताजी ऐसा कहते हैं इससे अच्छा तो मुझे बेटा ही ना होता मेरे प्रति माता-पिता का तिरस्कार के कारणों को मैं अच्छी तरीके से जानता हूं किस कारण से वह मुझसे नाराज हैं उन्होंने मुझे पढ़ाया लिखाया जमीन गिरवी रख कर के मुझे इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कराई उन्होंने सोचा था कि जब मैं जॉब करने लगूंगा तब वह जमीन छुड़वा लेंगे वह मेरी एक ऐसी लड़की से शादी कराना चाहते थे जो संपन्न घर की थी और उसके पिताजी बहुत दान दहेज देने को तैयार थे मेरे पिताजी उसी से मेरा विवाह कराना चाहते थे परंतु मैं अपने सहपाठी पूनम से प्यार करता था और उसी से शादी करना चाहता था वह एक अनाथ परिवार से थी उसके एक दूर के रिश्तेदार ने उसकी पढ़ाई लिखाई का खर्च उठा रखा था मैंने पढ़ाई पूरी करके उसी से शादी कर ली जो मेरी जात बिरादरी की भी नहीं थी हमने इंटर कास्ट मैरिज की थी वह भी माता-पिता के सहमति के बिना क्योंकि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थे पिताजी ने मुझे 8 वर्ष पूर्व ही घर से बाहर निकाल दिया जब मैं पूनम के साथ घर आया तो उन्होंने कहा कि घर में तुम्हारा कोई जगह नहीं है मैं वापस चला गया मगर बेटा कभी भी अपने मां-बाप को नहीं भूलता मुझे हर पल मां पिता की चिंता सताए रहती थी जितना हो सकता था मैं आर्थिक मदद करता था परंतु कुछ दिनों के लिए मैं उनके पास आया क्योंकि अम्मा मेरी मां के साथ साथ मेरी एक अच्छी मित्र भी थी मैंने सोचा था कि मैं मा से खूब बातें करूंगा परंतु यहां आकर मुझे यह अवसर ही नहीं मिला वास्तव में पापा के रूप को देखकर मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं उन दोनों के सामने बैठकर कुछ बातें करूं जब वह मेरे सामने ही मां से ऐसा कह रहे थे मेरे जाने के बाद न जाने क्या क्या कहेंगे अतः मैं घर छोड़कर जाने से पूर्व अपनी मां को एक पत्र लिखकर छोड़कर जा रहा हूं जो कि इस प्रकार है
मेरी प्यारी मां
तुम्हारे आशीर्वाद से हम दोनों ठीक हैं मुझे इस बात का बहुत दुख है कि मैं यहां आकर भी तुमसे खुलकर बात ना कर सका वैसे आया तो था मैं कुछ दिन तुम्हारे साथ रहने के लिए पर जब कल रात तुम्हारी और पापा की बातों को सुना वह मेरे प्रति वही अनर्गल टीका टिप्पणी कर रहे थे सुनकर मन छलनी हो गया मैं बुरी तरीके से टूट गया हूं मैं मेरी क्या गलती थी मैंने उनकी इच्छा अनुसार शादी नहीं की और दहेज लेने से वंचित रह गए तुमने भी तो उन्हें काफी समझाया था क्यों मैं जो कर रहा हूं ठीक है मुझे दहेज के लिए ना बेचे पर् वह इसके लिए पागल थे कैसे सुनते तुम्हारी बात मां मैं कुछ महीनों में विदेश जा रहा हूं मैं आखरी बार तुमसे मिलने आया था मां मैं जमीन को छुड़ाकर उसका कागजात अलमीरा में रख दिया हूं तुम्हारा गहना भी जो गिरवी था उसे भी छुड़ा लाया हूं पिताजी के सभी कर्ज मैंने पूरे कर दिए हैं मैंने तुम्हारे लिए कुछ पैसे भी अलमीरा में छोड़ रखे हैं मां तुम्हें कोई भी जरूरत हो तो तुम मुझसे कहना मा मैं हमेशा तुम्हारे अकाउंट में पैसे डालता रहूंगा मैं सिर्फ तुम्हारे साथ कुछ दिन रहना चाहता हूं मैं क्या हुआ जो मैं इंटर कास्ट मैरिज कर लिया मगर मैं तुमसे दूर नहीं हूं मैं पिता की बेरुखी से मैं बहुत परेशान हूं यह तो तुम्हारी हिम्मत है जो हमेशा मुझे हौसला देती रहती है मैं कब का पीछे चला गया होता लेकिन यह तो तुम्हारा विश्वास है कि जीवन में आगे बढ़ते रहो बस गलत काम नहीं करना वही मैं करता रहा मां मैंने जमीन छुड़वाने के साथ ही साथ तुम्हारे नाम से 4 बिस्सा जमीन की रजिस्ट्री कराई है स्टांप पेपर उनके पास है पापा कचहरी से जाकर सब करवा लेंगे मां मुझे खेद है मैं तुम्हारे पास कुछ देर बैठ ना पाया लेकिन आज मैं अपने आप को बहुत हल्का महसूस कर रहा हूं शायद मैं पापा की निगाहों में किए गए अपराध बोध से मुक्ति के कारण तुम्हारा
बेटा ऋषभ

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Poonam Mishra

Poonam Mishra

Main Poonam Mishra उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर से हूं मैंने इतिहास से m.a. एवं b.Ed किया है एवं मुझे ड्राइंग में भी रूचि है मुंबई आर्ट का कोर्स किया है इसके अलावा मुझे कविता कहानी गजल शायरी पढ़ने एवं लिखने का शौक है मैं खुद का कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाती हूं किड्स कोचिंग के नाम से मैं बच्चों को पढ़ाती हूं

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