काश! से घिरी जीवन की अपेक्षाएँ – सचिन ओम गुप्ता

काश! से घिरी जीवन की अपेक्षाएँ – सचिन ओम गुप्ता

काश की जिंदगी में कोई काश न आए,
काश हम अपने हर सपने को हकीकत में जी पाएं।।
काश इस काश को हम जिंदगी से मिटा पाएं।।
काश हम सपनों को जिंदगी से रूबरू करा पाएं।।
नही चाहिए जिंदगी से कुछ बड़ा या खास।
बस जिंदगी से मिट जाए ये काश।।

काश की हर इंसान दूसरे के एक काश को समझ पाये।

ये होता तो ऐसा होता
या ये न होता तो ऐसा होता।।।
बस जिंदगी में ये एक ‘काश’ न होता।
बस जिंदगी में ये एक ‘काश’ न होता।

धन्यवाद…

Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता,
चित्रकूट धाम

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