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खता सी हो गई – पूजा चौहान

सूबसूरती थी मन की कभी ,
अाज दिखावा हो गई |
बनावटी बाते है आज हर जगह
अच्छी बातें तो बस, भुलावा हो गई
सोचती हूँ वो दौर फिर से आए |
ये सोच पाऊँ कैसे ,
चलो खता सी हो गई |

Pooja Chauhanपूजा चौहान
हमदर्द नगर, नई दिल्ली

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Pooja Chauhan

Pooja Chauhan

मैं पूजा चौहान नई दिल्ली की निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस की कवित्री हूँ।

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