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महाभारत ( समय बलवान हैं )-विनय-कुमार-पासवान

यहीं भारत है जहाँ राम कृष्ण आये थे ।
यहीं भारत हैं जहाँ वेदब्यास जी कथा सुनाये थे ।।
यहीं भारत है जहाँ द्रौपदी का चीर हरण हुआ।
यहीं भारत हैं जहाँ पांडवों का भी मरण हुआ ।।
यहीं भारत हैं जहाँ द्वापरयुग आया था ।
चीर हरण हुआ पर सबने सिर झुकाया था ।।
यहीं भारत हैं जहाँ विद्वानों की सभा बैठी थी ।
सभा मे अंधा एक था पर आँखे सबकी ऐंठी थी ।।
यहीं भारत हैं जिस सभा मे बलवान भी बैठा था ।
उसी सभा मे भीष्म भीम जैसा पहलवान भी बैठा था ।।
जब हो रहा था पाप तो क्यों नही कोई तैयार हुआ ।
बिरोध तो कर सकता था पर सब क्यों लाचार हुआ ।।
घोर कलयुग वो था जो द्वापरयुग कहलाया था ।
बीरो की सभा मे एक अबला को नंगा नचाया था ।।
जब सूझा ना कोई उपाय तो द्रौपदी ने स्मरण किया ।
तब आकर कृष्ण भगवान ने चीर भरण किया ।।
क्या सबके मस्तिष्क में बैठा कोई शैतान था ।
सबका उत्तर यहीं हैं कि ” समय ” ही बलवान था ।।
करता हूँ बाणी सम्पन मैं इसी बातों से ।
इससे बड़ा खुशी है कहाँ जो आपकी मुलाकातों से ।।
कर लो लाख उपाय एक दिन समय सबको मारत हैं ।
अंतिम बाणी मेरी जय हिंद जय भारत है ।।

                                     धन्यवाद
                             विनय कुमार पासवान 
                             🙏🙏🙏🙏🙏

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