पुलिया पे दुनिया-मुनमुन सिंघा

पुलिया पे दुनिया-मुनमुन सिंघा

अब आ गयी हैं पुलिया पे दुनिया
शाम जब होती है पुलिया पे बैठते है पुरे शराबी ।
सुबह जब होती हैं पुलिया पे बैठते हैं पुरे अवारे ।
दोपहर जब होती है जानवर भी हो जाते हैं पुलिया के सहारे ।
अब आ गयी हैं पुलिया पे दुनिया
शराबी नहीं देते हैं अपनों पर ध्यान ।
अवारे नहीं करते हैं अपनों का सम्मान ।
जानवर सब कुछ छोड़ लेते है छाँव ।
अब आ गयी हैं पुलिया पे दुनिया
शराबी उड़ाते हैं पैसे पीते हैं शराब ।
अवारे उड़ाते हैं पैसे आवारा पंथी के लिये।
जानवर लेते हैं छाँव धुप से बचने के लिये ।
अब आ गयी हैं पुलिया पे दुनिया

 

       मुनामुन सिंह

चक्ररामपुर, मीरजापुर

1+

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account