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मेरी पहचान ही मेरी शान-हर्षदा पंचपोर

एक ब्रम्हपुरी शहर में रहने वाले एक लड़के की कहानी है ,जो सत्य घटना पर आधारित है ।
ब्रम्हपुरी ये एक भारत के महाराष्ट्र राज्य में चंद्रपुर जिल्हा का एक शहर है । 1854 में चंदा (अभी का चंद्रपुर) चंद्रपुर जिल्ह्येकी निर्मित की है । तब 1874 में ब्रम्हपुरी तालुका की निर्मित किया गया।
ब्रम्हपुरी सीमा के वायव्य दिशा पर धम्म प्रचार धर्म केन्द्र धर्मभूमि संस्थाको शासन ने पर्यटन स्थल बनाया है । ऐसे महान शहर में रहने वाले एक महनती लड़के के बारेमे ये कहानी है एक राहुल सोनी नाम का लड़का था । उसके घरमे मां ,पापा ,और दो बहने थी उसे । राहुल एक हुशियार ,देखने में अच्छा और समझदार लड़का था ।
उसके पापा एग्रीकल्चर हुए थे ओ अच्छे जॉब करते थे और खेती भी बनाते थे खुदकी और सभी प्रकार के पीक लेके ओ खेती करते थे । मां भी ग्रेजुएशन हुई थी ।
बाकी दोनों बहने भी अच्छी पढ़ाई की हुई थी , अच्छे लड़के मिलने के बाद समाज में बड़ी धूम धाम से शादी की और बेटी ओ को अच्छा सहारा दिया, एक बेटी डॉक्टर को दी दूसरी बेटी इंजीनियर को दी , अच्छा हुआ सब ।
बादमें राहुल अपने पढ़ाई को लेकर बहुत भाउक था ओ हमेशा पढ़ाई करता था और पढ़ाई में अच्छा था, और एक ही बेटा होने के कारण मां पापा का लाडला था । उसने 10वि में अच्छे marks लाए 89% और 12में science लिया था उसमे भी अच्छे marks लाए 80% उसने 12वि तक कि पढ़ाई ब्रम्हपुरी अपने शहर में कि उसके बाद उसने Bsc second year तक कि पढ़ाई छोटा ब्रम्हपुरी में कि बाकी ग्रेजुएशन नागपुर में कंपलीट किया । बेटा पढ़ाई में अच्छा होने के कारण पापा ने बेटे की पढ़ाई में कोई परेशानी ना आए इसलिए ओ नागपुर में अपार्टमेंट लेके रहने चले आए ।
उसके बाद राहुल आगेके पढ़ाई के लिए चंद्रपुर गया वह एक रूम भाड़े से लिया पढ़ाई ख़त्म होने तक ।
उसके साथ और दो दोस्त थे मस्तीखोर उसके दोस्त नॉनवेज खाते थे लेकिन राहुल के घर में ये सब चलता नहीं था लेकिन बहार दोस्तो के साथ रहकर ओ नॉनवेज खाना सीख गया ।
एक दिन एक दोस्त का बर्थडे था एक दोस्त ने राहुल के कोल्ड्रिग में बीयर मिलाई थी उसे पता नहीं था लेकिन कोल्ड्रिग पीते ही उसका सर दर्द करने लगा । ओ पार्टी में रुका नहीं और सोने चला गया । सुबह उठते ही उसने सोचा उसे पता चला कि उसके कोल्ड्रिग में बीयर मिलाई थी लेकिन उसे लगा कि मै यहां पढ़ने आया हु ऐसी मस्ती करने नहीं आया , और ये सब फालतू की मस्ती उसे पसन्द नहीं थी ।
कई दोस्त ऐसे थे कि उसे गलत आदत लगाने की सोचते थे लेकिन राहुल एक अच्छा लड़का था उसे सिर्फ अपना लक्ष पाना था ओ कभी कोई गलत बातो पर ध्यान नहीं देता था बस अपने काम से काम रखता था ।
उसके दोस्तो की girl friend भी थी लेकिन राहुल को ये सब पसन्द नहीं था ,पहले उसे अपने जीवन में कुछ बनाना था, इसलिए उसने कभी लड़की यो की तरफ़ अपना ध्यान भटकने नहीं दिया । उसने चंद्रपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन पूर्ण किया ।और ओ अपने शहर नागपुर लोट आया बेटा पढ़ाई में अच्छा होने के कारण पापा ने उसे हमेशा साथ दिया और आगे पढ़ने की अनुमति दी ।
उसे फिर B.ed करना था। उसके बाद राहुल B .ed के लिए गढ़चिरौली पढ़ने गया था । Teaching method English थी।
उसके साथ पढ़ते हुए एक लड़की उसी के ही क्लास की राहुल को देखकर उसे प्यार हुआ राहुल से प्यार हो गया , उसने राहुल को शादी के लिए मानने की कोशिश भी की लेकिन उसने माना कर दिया । किवाकी राहुल को सिर्फ पहले अपना लक्ष होना था और उसके सपनो के बीच कोई आए उसे पसन्द नहीं था ।
उसका B.ed हो गया उसके बाद ओ अपने शहर आया । फिर उसने NET और UGC के लिए try किया ।
फिर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई चालू थी।
जब भी उसे बोरिंग लगाता था तब ओ fb use करता था । सभी अच्छे फ्रेंड थी । Unmarride girl से जब बाते करता था तो लड़कियां परेशान करती थी एक लड़की भी NET कर रही थी राहुल उसे दोस्त समझकर गाइडेंस करने लगा । लेकिन उस लङकी ने देखते ही देखते ओ राहुल से प्यार करने लगी अच्छे घरकी थी पैसा भी बहुत था । ओ लङकी राहिल से शादी करना चाहती थी ,और दहेज में 50लाख और ओ जो भी मागेगा ओ देने के लिए तयार थी फिर भी राहुल ने उसे। माना कर दिया ।किवकी ओ लङकी राजस्थान से थी और उसे अपने राज्य महाराष्ट्र की लङकी से ही शादी करनी थी इसलिए माना कर दिया था । फिर पढ़ाई हो गई उसने कहीं college मै जॉब के लिए Apply किया लेकिन इतना पढ़ने के बाद भी बिना पैसे से कोई जॉब नहीं मिली ।फिर उसके पिता ने उसके लिए 36लाख रुपए दिए जॉब लगाने के लिए और राहुल तो पहले ही अच्छा पढ़ा था लेकिन फिर भी कितनी परेशानी आईं । फिर ओ संत गाडगे बाबा यूनिवर्सिटी में ओ लेक्चरर बना और अच्छी जॉब करने लगा । फिर कुछ समय बाद उसने fb on किया फिर से उसकी जो बेस्ट friend थी ओ रोज call और massege से परेशान करने लगी। उसे college के समय भी परेशान करती फिर उसने उस गर्ल को ब्लॉक कर दिया । ओ फिर unmarride girl ko friend बनाना बंद कर दिया । फिर ओ marride girl से बाते करने लगा उसे सिर्फ मैरिड लड़कियों से बाते करना अच्छा लगता था । किवकी मैरिड लड़किया परेशान नहीं करती थी । कहीं अच्छी friend मिल एक डॉक्टर थी ओ बहुत अच्छी थी उससे सारी बाते शेयर करता था । लेकिन डॉक्टर ने fb band किया किसकी उसके घरमे कुछ प्रॉब्लम थी । फिर उसने अपनी मेहनत की कमाई पर एक घर बांधा और बादमें P.hd के लिए subject UNESCO declared historical heritage in india ।
बादमें P.hd पूर्ण हुई और राहुल के सपने भी उसने बड़ी मेहनत से पढ़ाई की और अपने दिल को सभाले रखा किवकी बहुत से ऐसे लड़के होते है जो 14से30 साल की उम्र में प्यार करके अपनी जीवन की दिशा ही बदल देते है और जो लोग 14से 30तक अपने दिल को संभलकर पढ़ाई करते है वहीं लोग दुनिया में अपना नाम बनने है अपनी पहचान बनाते है l अपनी पहचान ही अपनी शान है ।हम लोग हमेशा दूसरों बारे में सोचते है कि कोई क्या बोलेगा लेकिन आपको जो करना है वहीं करो दुसरोका सोचोगे तू कुछ नहीं बन सकते । खुदकी पहचान खुद बनाओ खुदका नाम खुद बनाओ ।दूसरों के नाम से सिर्फ काम होते है ।लेकिन अपने नाम से दुनिया में नाम होते है ।
जो लोग जिंदगी बदलकर जीते है उसे जीवन कहते है वरना बिना मतलब की जिन्दगी तो हम जी ही रहे हैं । इस तरह राहुल ने अपनी पहचान बनाई इस कहानी से सीख सिखानी थी कि जो आपका अनमोल समय होता है उस समय कोई भी अपना अनमोल समय बर्बाद ना होने दे किवकी समय के साथ इन्सान की age to बड़ जाति है लेकिन हम लोग वही ठहर जाते है इसलिए समय का कभी दुरुपयोग ना करे किवकी समय किसके लिए रुकता नहीं ।

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