Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

देख कर आंखे नम हो रही है

Shreyansh kumar 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद 500 70105 0 Hindi :: हिंदी

वह दारूण दर्शय देख- देख कर आंखे नम हो रही है,
मेरे दिल में उनके लिए दया की लहरें उमड रही है,
कल तक थे जो आजाद परिंदे वो आज गुलामी में जकड रहे है,
अपनी आजादी पाने को अपना वतन छोड़ रहे है।।
कुछ आतंकी हुऐ इकट्ठे ओर उनका सब कुछ उन से छीन लिया, 
कल तक थे जो आसंमा में आजाद परिंदे आज उन आतंकीयों ने उनके परों को भी कतर दिया,
कुछ लोगों ने जब भरी उडान आजादी की तो उनको मौत के घाट उतार दिया, 
कुछ लोगों की सोच ने आज एक वतन का कत्ले आम किया ।।
जब देखता हूँ वह दर्शय मैं तो आंखे भर आती है,
उस माँ की बेबसी जो अपनी बच्ची को फेंककर उसके जीने की भीख मांगती है,
आतंकी आते है घर में ओर माँ-बहिनों की जबरन आबरू लूट कर ले जाते है, 
अपनी आंतकी दुनिया के जुर्म वाले कानून उन पर तोफ जाते है।।
नयनों से वह दर्शय देखकर अश्रु की जल धारा निकल रही है,
उन आतंकीयों के जुर्म से बचने को वहाँ की जनता अपने वतन को छोड़ रही है,
कुछ इंसानों की आज इंसानियत कत्ले आम हो रही है,
उन आतंकीयों के जुर्म से आज उस वतन की धरती छलनी हो रही है,
एक वतन की जमीं आज खुले आम नीलाम हो रही है।।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: