Abhishek kumar 18 Aug 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत दिल को छू जानेवाली कविताओ का संग्रह 2127 0 Hindi :: हिंदी
हर एक मौसम मे इश्क़ की खुशबू रवां है। लोग कहते है की प्यार हर मर्ज की दवा है। ये इन जुल्फो को उड़ाती जो मदहोश हवा है। परवानो को जलाती जो रंगोश समां है। चांद का नूर जो खिला है आसमा मे,यू ही नही रवां है,रवां है,इसमे तेरा हुस्न रवां है। मर मिट जाने को राजी है खुदा तुझपे हम तो तेरे आशिक़ ख्वामखाह है। सुख गये है लफ्ज तेरी तारीफें बयां करते अब तो मेरी हालत से मेरे हाल ए दिल बयां है। तू दरिया, मै दरख्त,आ मिल,मिटा दे मुझे ये मेरी रजा है, क्या तेरी रजा है ? नशा वो नही जो जाम मे छलके जो तुझे पी ले,सिर्फ उसे नशा है। शब ओ शाम दुआए मांगता हू,खुदा से। क्या या अली,वो मेरा खुदा बन जाय,ये ही मेरी दुआ है। तेरे मेरे सीने मे जो लगी है आग इसमे तेरा दिल तो रहा महफूज,सिर्फ मेरा दिल जला है। लोग कहते है हम फिरते है आपके आगे-पीछे हुस्नबाज़ होना भी क्या लड़कीबाज होना है। कोई बचाए हमे अब,जमीं पे उतरी,इन मर्ज हूरो से या खुदा,अब जवाँ मर्द होना भी क्या खता है। सुर्ख गुलाब भी फीका है तुम्हारे होठो के आगे तारीफ इतनी ही करू या और की चाह है। कसम से चांद जमीं पे उतरा है आज ये जादू है या करिश्मा है।